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Bihar Sec Teacher Hindi Test 278
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Bihar Sec Teacher Hindi Test 278
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  • Question 1/10
    1 / -0.25

    'नीलकंठ' शब्द में समास है ।
    Solutions
    जिस समास के दोनों पद अप्रधान हों और समस्तपद के अर्थ के अतिरिक्त कोई सांकेतिक अर्थ प्रधान हो उसे बहुव्रीहि समास कहते हैंजैसे -नीलकंठ शब्द में बहुब्रीहि समास है। नीलकंठ शब्द का विग्रह है, नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव 
  • Question 2/10
    1 / -0.25

    Directions For Questions

    इस वाक्य में किस प्रकार के चिन्हों का प्रयोग हुआ है?

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    आह! बहुत दर्द हो रहा है।
    Solutions
    दिए गए वाक्य में सबसे पहले आह के बाद विस्मयादि बोधक चिन्ह का प्रयोग हुआ है। इस चिन्ह का प्रयोग विस्मय, शोक, घृणा, प्रेम आदि की स्थिति में किया जाता है जबकि वाक्य के अंत में पूर्ण विराम के चिन्ह का उपयोग हुआ है।
    अन्य तथ्य - 
    विराम शब्द का अर्थ – ठहराव होता है। (वाक्य लिखते समय विराम को प्रकट करने के लिए लगाये जाने वाले चिन्ह को ही विराम चिन्ह कहते हैं।)
    हिन्दी में निम्नलिखित विराम-चिह्नों का प्रयोग होता है-
    •  पूर्ण विराम-चिह्न – (।)
    • अर्द्ध विराम-चिह्न  – (;)
    • अल्प विराम-चिह्न  – (,)
    • प्रश्नवाचक चिह्न  – (?)
    • विस्मयादिबोधक चिह्न – (!)
    • उद्धरण चिह्न – (” “) (” “)
    • निर्देशक या रेखिका चिह्न – (—)
  • Question 3/10
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    ‘गृह’ शब्द का तद्भव रूप है।
    Solutions
    गृह एक तत्सम शब्द है और इसका तद्भव शब्द घर होता है।
    तद्भव शब्द - ऐसे संस्कृत शब्द जो कुछ परिवर्तन के साथ हिंदी शब्दावली में आ गए हैं। तद्भव शब्द कहलाते हैं।
    तत्सम शब्द - ऐसे शब्द होते हैं। जो संस्कृत भाषा से हिंदी भाषा में ज्यों के त्यों आ गए हैं और वैसे ही प्रयोग होते हैं।
    गृह  (तत्सम शब्द) = घर (तद्भव शब्द)
  • Question 4/10
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    सतपुड़ा के जंगल कविता है
    Solutions
    • भवानीप्रसाद मिश्र को 'सहजता का कवि' कहा जाता है।
    • प्रकृति, समाज उनके जीवन का हिस्सा था। वह गांधीवादी थे और उनका सीधा-सादा सरल व्यक्तित्व अपनी माटी की खूशबू लिए था।
    • उन्होंने सतपुड़ा के जंगल,बुनी हुई रस्सी, दरिंदा, खुशबू के शिलालेख, जंगल के राजा जैसी बेहतरीन कविताएं लिखीं।
    • बीसवीं सदी के तीसरे दशक से लेकर नौवें दशक की शुरुआत तक कवि भवानी प्रसाद मिश्र की अनथक संवेदनाएं लगातार कविता के रूप में हिंदी साहित्य को समृद्ध करती रहीं हैं।
  • Question 5/10
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    निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
    Solutions

    दिए गए विकल्पों में विकल्प c सही सुमेलित नहीं है क्योंकि आहुति काव्य कृति हरिकृष्ण प्रेमी जी की रचना है

    • 'आहुति' (1940 ई.) में रणथम्भौर के हम्मीर देव द्वारा शरणागत रक्षा के लिए अलाउद्दीन खिलजी से संघर्ष और आत्म बलिदान की कथा है।

    हरिकृष्ण प्रेमी की अन्य रचनाएँ - स्वप्नभंग, विषपान, छाया, बंधन

    यशपाल की रचनाएँ - वो दुनिया', 'दिव्या', 'देशद्रोही', 'फूलों का कुर्ता', 'पिंजरे की उड़ान'

  • Question 6/10
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    निम्नलिखित में पुल्लिंग शब्द कौन सा है?
    Solutions
    जो संज्ञापद पुरुष वर्ग के होते हैं, उन्हें पुल्लिंग कहते हैं। जैसे, लड़का, आदमी, घोड़ा, शेर, बकरा, राजा आदि। 
    नदी:-स्त्रीलिंग,जैसे :-रक्त की नदी बह निकली। 
    इलायची:-स्त्रीलिंग,जैसे :-इलायची हरी है।  
    प्यास:-स्त्रीलिंग,जैसे :-प्यास लग आई। 
    पानी:-पुल्लिंग,जैसे :-पानी बहने लगी।
  • Question 7/10
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    "सुगंधित कस्तूरी के लोभी शिकारी राजस्थानी हिरणों का अवैध शिकार करते है" वाक्य में विशेष्य है
    Solutions

    सुगंधित कस्तूरी के लोभी शिकारी राजस्थानी हिरणों का अवैध शिकार करते है। वाक्य में कस्तूरी,शिकारी,हिरणों,शिकार विशेष्य है, जिसकी विशेषता सुगंधित,लोभी, राजस्थानी, अवैध शब्द बताते है जो विशेषण है।
    अन्य तथ्य - 
    विशेषण और विशेष्य - संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते है। जो शब्द विशेषता बताते है उन्हें विशेषण तथा जिनकी विशेषता बताई जाती है उन शब्दों को विशेष्य कहते है।
    जैसे- 'पतली लड़की हंस रही है'। यहां 'पतली' विशेषण है तथा ‘लड़की’ विशेष्य (संज्ञा) है।

  • Question 8/10
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    रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय
    टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय।। 

    पंक्तियों के रचयिता है।
    Solutions
    पंक्तियों को रहीम के दोहे से लिया गया है जिसके रचयिता रहीम जी है

    रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय
    टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय।।
    अर्थ: रहीम कहते हैं कि प्रेम का नाता नाज़ुक होता है इसे झटका देकर तोड़ना उचित नहीं होता यदि यह प्रेम का धागा एक बार टूट जाता है तो फिर इसे मिलाना कठिन होता है और यदि मिल भी जाए तो टूटे हुए धागों के बीच में गाँठ पड़ जाती है
  • Question 9/10
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    स्वच्छंदतावाद की विशेषता नहीं है।
    Solutions
    • स्वच्छंदतावाद काल में ब्रजभाषा के स्थान पर खड़ी बोली का प्रयोग किया जाने लगा था।
    • स्वच्छन्दतावाद- कला, साहित्य तथा बौद्धिक क्षेत्र का एक आन्दोलन था जो यूरोप में अट्ठारहवीं शताब्दी के अन्त में आरम्भ हुआ।
  • Question 10/10
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    दिए गए विकल्पों के आधार पर 'नासिकेतोपाख्यान' के लेखक कौन है?
    Solutions
    • पं. सदल मिश्र की सर्वाधिक प्रसिद्ध रचना 'नासिकेतोपाख्यान' है।
    • पं. सदल मिश्र ने सन् 1960 में नासिकेतोपाख्यान की रचना की
    • यह आख्यानमूलक गद्य-कृति है।
    • इसमें महाराज रघु की पुत्री चंद्रावती और उनके पुत्र 'नासिकेत' का पौराणिक आख्यान वर्णित है।
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