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हिंदी व्याकरण पर हिंदी Test 289
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हिंदी व्याकरण पर हिंदी Test 289
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  • Question 1/10
    1 / -0.25

    निम्नलिखित सरल वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा।
    "उसने गलती करने पर सजा पाई।"
    Solutions
    दिए गए विकल्पों में सरल वाक्य का संयुक्त वाक्य (उसने गलती की और सजा पाई।) है। शेष विकल्प असंगत है।
    उसने गलती की और सजा पाई। - संयुक्त वाक्य 
    उसने सजा पाई क्योंकि उसने गलती की। - मिश्र वाक्य 
    उसने गलती करने पर सजा पाई। - सरल वाक्य 

    अन्य तथ्य -  
    सरल वाक्य - ऐसा वाक्य जिसमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं।

    मिश्र वाक्य –
     मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ होती हैं। मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, तो, यद्यपि, तथापि आदि का प्रयोग किया जाता है।

    सयुंक्त वाक्य -
    जिन वाक्यों में दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजकों (और, एवं, तथा, या, अथवा, इसलिए, अतः, फिर भी, तो, नहीं तो, किन्तु, परन्तु, लेकिन, पर आदि) से जुड़े हों, उन्हें संयुक्त वाक्य कहते हैं।
  • Question 2/10
    1 / -0.25

    निम्नलिखित सरल वाक्य का मिश्र वाक्य होगा।
    "साहसी विद्यार्थी सफल होते हैं।"
    Solutions

    दिए गए विकल्पों में सरल वाक्य (साहसी विद्यार्थी सफल होते हैं।) का सरला वाक्य (जो साहसी विद्यार्थी होते हैं, वो ही सफल होते हैं।) है। शेष विकल्प असंगत है।
    जो साहसी विद्यार्थी होते हैं, वो ही सफल होते हैं। - मिश्र वाक्य 
    साहसी विद्यार्थी सफल होते हैं। - सरल वाक्य 
    सरल वाक्य - ऐसा वाक्य जिसमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं।
    मिश्र वाक्य – मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ होती हैं। मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, तो, यद्यपि, तथापि आदि का प्रयोग किया जाता है।

  • Question 3/10
    1 / -0.25

    'निराहार' का सन्धि-विच्छेद क्या है?
    Solutions

    संधि - सन्धि (सम् + धि) शब्द का अर्थ है 'मेल' या जोड़। दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है वह संधि कहलाता है।

    ‘निराहार’ संधि विच्छेद - निः + आहार (विसर्ग संधि)

    नियम - विसर्ग से पहले अ, आ को छोड़कर कोई स्वर हो और बाद में कोई स्वर हो, वर्ग के तीसरे, चौथे, पाँचवें वर्ण अथवा य्, र, ल, व, ह में से कोई हो तो विसर्ग का र या र् हो जाता है।

  • Question 4/10
    1 / -0.25

    “श्याम तिल तिल मरता है” वाक्य में तिल तिल किस प्रकार का क्रिया विशेषण है?
    Solutions

    श्याम तिल तिल मरता है वाक्य में मरना क्रिया है और क्रिया की विशेषता तिल तिल बताता है अत: तिल तिल शब्द क्रिया विशेषण शब्द है। ( वाक्य में तिल तिल शब्द तरीके का बोध करता है न कि परिणाम का) वाक्य से ज्ञात होता है कि श्याम रोज या धीरे धीरे मर रहा है।

    रीतिवाचक - जो शब्द किसी क्रिया के करने के तरीके या रीति का बोध कराता है, वह रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहलाते है।
    जैसे धीरे–धीरे, रोज़

    अन्य तथ्य - 
    स्थानवाचक - जिन शब्दों से क्रिया के स्थान का बोध होता हैं, उन्हें स्थानवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं।
    जैसे- यहाँ, वहाँ, कहाँ, जहाँ, सामने, नीचे, ऊपर, आगे, भीतर, बाहर आदि।

    कालवाचक - जिन अविकारी शब्दों से किसी क्रिया के होने का समय बत लाया जाता हैं, उन्हें कालवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं।
    जैसे- परसों, पहले, पीछे, कभी, अब तक, अभी-अभी, बार-बार।

    परिमाणवाचक - ऐसे क्रियाविशेषण शब्द जिनसे हमें क्रिया के परिमाण, संख्या या मात्र का पता चलता है, वे शब्द परिमाणवाचक क्रियाविशेषण कहलाते हैं।
    जैसे- बहुत, अधिक,अधिकाधिक पूर्णतया, सर्वथा, कुछ, थोड़ा

  • Question 5/10
    1 / -0.25

    "अव्यय" शब्द के कितने भेद होते है?
    Solutions

    अव्यय का शाब्दिक अर्थ होता है – जो व्यय न हो। जिनके रूप में लिंग , वचन , पुरुष , कारक , काल आदि की वजह से कोई परिवर्तन नहीं होता उसे अव्यय शब्द कहते हैं।

    अव्यय का मूल रूप स्थिर रहता है,कभी बदलता नहीं है। जैसे – आज, काल, किन्तु, परन्तु

    अव्यय के भेद :-

    1) क्रिया-विशेषण अव्यय – धीरे – धीरे, प्रतिदिन

    2) संबंधबोधक अव्यय – आगे, पीछे

    3) समुच्चयबोधक अव्यय – और, जो ...तो,यदि...तो

    4) विस्मयादिबोधक अव्यय – वाह!, आह!

  • Question 6/10
    1 / -0.25

    "जाने दो क्योंकि मैं आ गया" वाक्य किस प्रकार का है?
    Solutions

    ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ-साथ कोई दूसरा उपवाक्य भी हो, वे वाक्य मिश्र वाक्य कहलाते हैं। मिश्र वाक्योँ की रचना एक से अधिक ऐसे साधारण वाक्योँ से होती है, जिनमेँ एक प्रधान वाक्य होता है एवं दूसरा वाक्य आश्रित होता है।

    मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए जो आपस में उतना, वैसा, जब, तब, यदि, तो, यद्यपि, तथापि, आदि का प्रयोग किया जाता है।

    जाने दो क्योकि मैं आ गया – वाक्य में क्योकि योजक चिन्ह का प्रयोग किया गया है

  • Question 7/10
    1 / -0.25

    "तम्बाकू सेवन कर्क रोग का कारण है" दिए गए वाक्य में किस प्रकार की क्रिया है?
    Solutions

    क्रिया - वे विकारी शब्द जिसमे किसी कार्य का होना या करना पाया जाएँ वे क्रिया कहलाती है।
    क्रियार्थक क्रिया - जिस क्रिया का प्रयोग मुख्य क्रिया के पहले संज्ञा के रूप में होता है उसी को क्रियार्थक क्रिया कहते हैं।
    जैसे - टहलना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। (क्रियार्थक क्रिया- टहलना)
     

  • Question 8/10
    1 / -0.25

    निम्नलिखित सरल वाक्य का मिश्र वाक्य होगा।
    "सीता कपड़े खरीदने बाजार गई।"
    Solutions

    दिए गए विकल्पों में सरल वाक्य का मिश्र वाक्य "सीता बाजार गई क्योंकि उसे कपड़े खरीदने थे।" है। शेष विकल्प असंगत है।
    सीता बाजार गई क्योंकि उसे कपड़े खरीदने थे। - मिश्र वाक्य 
    सीता कपड़े खरीदने बाजार गई। - सरल वाक्य 

    सरल वाक्य - ऐसा वाक्य जिसमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं।
    मिश्र वाक्य – मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ होती हैं। मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, तो, यद्यपि, तथापि आदि का प्रयोग किया जाता है।

  • Question 9/10
    1 / -0.25

    शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी”। वाक्य का सही भेद है।
    Solutions
    शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी। वाक्य का सही भेद विधानवाचक है। 
    विधानार्थक वाक्य-जिन वाक्यों में क्रिया के करने या होने का सामान्य कथन हो। जैसे-मैं कल दिल्ली जाऊँगा। पृथ्वी गोल है।
  • Question 10/10
    1 / -0.25

    सेठ ने नौकर को पैसे दिए’ वाक्य है।
    Solutions
    क्रिया - जिन शब्दों से किसी काम के करने या होने का ज्ञान हो उसे क्रिया कहते हैं।
    द्विकर्मक क्रियाएँ  - जिन क्रियाओं के दो कर्म होते हैं, वे द्विकर्मक क्रियाएँ कहलाती हैं।
    पैसे’ और ‘नौकर’ दिए गए वाक्य के दो ‘कर्म’ है। अतः यह द्विकर्मक वाक्य है।
    उपर्युक्त वाक्य में 
    दिया द्विक्रमक क्रिया है, पैसे मुख्य कर्म हैं, नौकर को गौण कर्म।

    वाक्य  - सेठ ने नौकर को पैसे दिए
    नियम -
    सेठ ने दिए,
    नौकर को दिए,


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