Please wait...

संधि Test - 1
Menu grid icon
Result Result point icon
संधि Test - 1
  • Goals icon

    /

    Score
  • Trophy icon

    -

    Rank
White alarm icon Time Taken: -
Result frame illustration
  • Question 1/10
    1 / -0.25

    'नरेंद्र' का संधि विच्छेद है____________।
    Solutions

    नरेंद्र का संधि विच्छेद 'नर + इंद्र' है।

    Key Points

    नर + इंद्र = नरेंद्र।

    • अ + इ = ए
    • गुण-संधि

    नरेंद्र

    • पुल्लिंग
      • राजा, नरेश।
    Additional Information

    गुण-संधि

    • अ, आ के आगे इ, ई हो तो ए
    • उ, ऊ हो तो ओ
    • ऋ हो तो अर् हो जाता है।

    ​जैसे-

    (आ + ऊ = ओ) महा + ऊर्मि = महोर्मि।

    (अ + ऋ = अर्) देव + ऋषि = देवर्षि।

    (आ + ऋ = अर्) महा + ऋषि = महर्षि।

  • Question 2/10
    1 / -0.25

    'पवन' का संधि-विच्छेद कौन-सा है?
    Solutions

    सही उत्तर पो + अन है। 

    Key Points

    • पवन' का संधि-विच्छेद पो + अन है। 
    • पवन शब्द में अयादि स्वर संधि है।
    • अयादि स्वर संधि-  जब ( ए, ऐ, ओ, औ ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ ए – अय ‘ में, ‘ ऐ – आय ‘ में, ‘ ओ – अव ‘ में, ‘ औ – आव ‘ बन जाता है।

    उदहारण-  

    • शे + अन = शयन (ए+अ = अय)
    • गो + ईश = गवीश (ओ+ई = अवी)

    Additional Information

    संधि- दो  शब्दों के मेल से जो विकार(परिवर्तन) होता  है, उसे संधि कहते हैं। संधि के तीन प्रकार हैं- 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग,

    संधि

    परिभाषा

    उदाहरण

    स्वर

    स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण 

    मेल से विकार उत्पन्न होता है।

     विद्या + अर्थी = विद्यार्थी 

    महा + ईश = महेश

    व्यंजन

    एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या 

    स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    अहम् + कार = अहंकार

    उत् + लास = उल्लास

    विसर्ग

    विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन 

    के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    दुः + आत्मा =दुरात्मा

    निः + कपट =निष्कपट

  • Question 3/10
    1 / -0.25

    'सच्छास्त्र' का उचित विच्छेद निम्न में से कौन-सा है?
    Solutions

    सही उत्तर सत् + शास्त्र  है। 

    Key Points

    • 'सच्छास्त्र' का संधि-विच्छेद सत् + शास्त्र होगा। 
    • संधि का नियम (त् + श = च्छ)  (व्यंजन संधि)
    • त् का मेल यदि श् से हो तो त् को च् और श् का छ् बन जाता है।
    • जैसे - त् + श् = च्छ उत् + श्वास = उच्छ्वास
    • त् + श = च्छ उत् + शिष्ट = उच्छिष्ट 

    Additional Information

    संधि- दो  शब्दों के मेल से जो विकार(परिवर्तन) होता  है, उसे संधि कहते हैं। संधि के तीन प्रकार हैं- 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग,

    संधि

    परिभाषा

    उदाहरण

    स्वर

    स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण 

    मेल से विकार उत्पन्न होता है।

     विद्या + अर्थी = विद्यार्थी 

    महा + ईश = महेश

    व्यंजन

    एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या 

    स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    अहम् + कार = अहंकार

    उत् + लास = उल्लास

    विसर्ग

    विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन 

    के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    दुः + आत्मा =दुरात्मा

    निः + कपट =निष्कपट

  • Question 4/10
    1 / -0.25

    ‘जगदंबा' शब्द का सही संधि विच्छेद है :
    Solutions

    'जगदंबा' शब्द का सही संधि विच्छेद है: जगत् + अंबा

    • जगत् + अंबा = जगदम्बा
      • इसमें त, द में बदल जाता है।
    •  त् + अ = द

    Confusion Points

     व्यंजन संधि

    • व्यंजन का व्यंजन या किसी स्वर से मेल होने पर जो संधि होती है, उसे व्यंजन संधि
    • कहा जाता है। जैसे-
    • जगत्+आधार-जगदाधार
    • वाक्-ईश-वागीश
    • उत्+चारण उच्चारण

    (1) यदि पाँचों वर्गों के प्रथम, द्वितीय या चतुर्थ वर्ण के बाद वर्गों के तृतीय, चतुर्थ
    वर्ण अथवा य र ल व या कोई स्वर आए तो प्रथम द्वितीय या चतुर्थ वर्ण के स्थान पर उसी
    वर्ग का तृतीय वर्ण हो जाता है। जैसे-(च्+अ-ज)- अच्+अंत=अजंत

    • (प्+ज-ब्)- अप्ज-अब्ज
    • (त्+घ-द्)- उत्+घाटन-उद्घाटन
    • (त्-व-द्)- उत्-वेग-उद्वेग
    • (त्-भ-द्)- भगवत्+भजन भगवद्भजन
    • (क्+अ-ग)- दिक्+अंबर-दिगंबर
    • (त्+घ-द्)- उत्+घात-उद्घात
    • (क्द-ग्)- वाक्+दान-वाग्दान
    • (त्र-द्)- तत्-रूप-तद्रूप

    (2) तवर्गीय वर्ण के बाद चवर्गीय वर्ण आए तो वह चवर्गीय वर्ण हो जाता है।
    जैसे-

    • (त्-च-च्च)- सत्+चरित्र-सच्चरित्र, उत्+ चारण-उच्चारण
    • (जज्ज)- विपद्-जाल-विपज्जाल
    • (त्+छ-च्छ)-उत्+छिन्न-उच्छिन्न

    (3) यदि तवर्गीय वर्ण के बाद टवर्गीय वर्ण हो तो वह भी टवर्गीय हो जाता है।
    जैसे-

    • (द्ड-ड्ड)- उद्+डयन उड्डयन
    • (त्-ट-ट्ट)- तत्+टीका-तट्टीका
    • (त्+ड-ड्ड)- भवत्+डमरू-भवड्डमरू

    (4) त और श का मेल हो तो च्छ बन जाता है। जैसे-

    • (त्+श-च्छ)- उत्-श्वास-उच्छ्वास
    • उत्-शिष्ट-उच्छिष्ट
    • सत्-शासन-सच्छासन
  • Question 5/10
    1 / -0.25

    'इत्यादि' शब्द का संधि विच्छेद निम्न में से क्या होगा?
    Solutions

    इत्यादि शब्द का संधि विच्छेद - इति + आदि

    इसमें यण संधि प्रयोग किया गया है

    Key Points

    • यदि इ, ई, उ, ऊ या ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो,
    • इ/ई का -- 'य' ; उ/ऊ का -- 'व' और ऋ का -- ' र ' हो जाना यण-संधि कहलाती है।
    • संभवतः किसी शब्द में य, व, र, ल से पहले आधा वर्ण हो तो वहां यण संधि होती हैं।

    Important Points

    उदाहरण:-

    • (इ + अ = य)
           अति + अधिक = अत्यधिक

            यदि + अपि = यद्यपि

    • (इ + आ = या )
          इति + आदि = इत्यादि
    • (इ + उ = यु )
        उपरी + उक्त = उपर्युक्त
    • (उ + अ = व)
        सु + अच्छ = स्वच्छ
    • (उ + आ = वा )
        सु + आगत = स्वागत
    • (उ + इ = वि )
        अनु + इति = अन्विति
    • (ऋ + अ = र)
      पितृ + अनुमति = पित्रनुमति
    • (ऋ + आ = रा)
       मातृ + आज्ञा = मात्राज्ञा

    Additional Information

    कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण:-

    • अनु + अय = अन्वय
    • सु + अस्ति = स्वस्ति
    • धातु + इक = धात्विक
    • अनु + ईक्षा = अन्वीक्षा
    • वधू + आगमन = वध्वागमन
    • अधि + अक्ष = अध्यक्ष
    • अभि + अर्थी = अभ्यर्थी
    • परि + अटन = पर्यटन
    • प्रति + अय = प्रत्यय
    • वि + आकुल = व्याकुल
    • परि + आवरण = पर्यावरण
    • अनु + अय = अन्वय
    • सु + अस्ति = स्वस्ति
    • सु + आगत = स्वागत
    • धातु + इक = धात्विक
  • Question 6/10
    1 / -0.25

    शब्द 'निष्फल' में कौन-सी संधि है?
    Solutions

    उपर्युक्त विकल्पों में से विकल्प "विसर्ग संधि" सही है।

    Key Points
    • निष्फल शब्द में विसर्ग संधि होगी।
      • निष्फल :- निः + फल
    • यदि विश्व के पहले इ या उ आये और विसर्ग के बाद "क, ख, प, फ" आये तो विसर्ग 'ष्' में बदल जाता है।
    Additional Information
    • गुण संधि के उदाहरण
      • देव + इन्द्र = देवन्द्र
      • सुर + इन्द्र = सुरेन्द्र
      • गज + इन्द्र = गजेन्द्र
      • नर + इंद्र = नरेंद्र
      • नर + ईश = नरेश
      • राम + ईश्वर = रामेश्वर
    • अयादि संधि के उदाहरण
      • गै + अक = गायक
      • गै + अन = गायन
      • पो + अन = पवन
      • हो + अन =हवन
      • पौ +अक = पावक
    • व्यंजन संधि के उदाहरण 
      • दिक् + अम्बर = दिगम्बर
      • अभी + सेक = अभिषेक
      • दिक् + गज = दिग्गज
      • जगत + ईश = जगदीश
  • Question 7/10
    1 / -0.25

    नीचे दिए गए शब्द का सही संधि-विच्छेद वाला विकल्प पहचानिए?

    हरीश

    Solutions

    उपर्युक्त विकल्पों में से विकल्प "हरि + ईश" सही है तथा अन्य विकल्प असंगत है।

    Key Points
    • हरीश
      • हरि + ईश
      • इ + ई :- ई
      • दीर्घ सन्धि
    • हरीश 
      • भगवान शिव, शिव
      • विष्णु संयुक्त।
    Important Points
    • दीर्घ संधि
      • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है, जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है, जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है।
      • इस संधि को हम ह्रस्व संधि भी कह सकते हैं।  
    Additional Information
    • दीर्घ संधि उदाहरण :
      • विद्या + अभ्यास : विद्याभ्यास (आ + अ = आ)
      • परम + अर्थ : परमार्थ (अ + अ = आ)
      • कवि + ईश्वर : कवीश्वर (इ + ई = ई)
      • गिरि + ईश : गिरीश (इ + ई = ई)
      • वधु + उत्सव : वधूत्सव (उ + उ = ऊ)
      • योजन + अवधि : योजनावधि (अ + अ = आ)
  • Question 8/10
    1 / -0.25

    'सूर्योदय' का संधि-विच्छेद क्‍या है?
    Solutions

    इसका सही उत्तर ‘सूर्य+उदय’ होगा। अन्य विकल्प सही उत्तर नहीं हैं।

    Key Points

    • ‘सूर्योदय’ में स्वर संधि है। यहाँ पर (अ+उ=ओ) हुआ है। अन्य विकल्प वर्तनीगत अशुद्ध हैं।
    • स्वर संधि- स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है।
    • जैसे- विद्या + अर्थी = विद्यार्थी 
    • महा + ईश = महेश

    Additional Information 

    संधि - दो शब्दों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है उसे संधि कहते हैं।

    संधि के तीन प्रकार हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग,

    संधि

    परिभाषा

    उदाहरण

    स्वर

    स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    विद्या + अर्थी = विद्यार्थी 

    महा + ईश = महेश

    व्यंजन

    एक व्यंजन से दूसरे व्यंजन या स्वर के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    अहम् + कार = अहंकार

    उत् + लास = उल्लास

    विसर्ग

    विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से विकार उत्पन्न होता है।

    दुः + आत्मा =दुरात्मा

    निः + कपट =निष्कपट

  • Question 9/10
    1 / -0.25

    'सर: + ज' शब्द की संधि है।
    Solutions
    सर:+ज ='सरोज' का सही संधि रूप होगाअतः 'सरोज' सही विकल्प होगा।अन्य सभी विकल्प असंगत है।
    Key Points
    • दो समीपवर्ती वर्णों के मेल से जो परिवर्तन होता है।वह 'संधि' कहलाता है।
    • संधि में पहले वर्ण के अंतिम वर्ण एवं दूसरे शब्द के आदि वर्ण का मेल होता है।
    •  देव+आलय=देवालय।
    •  मनः+योग=मनोयोग।

                                   संधि के तीन भेद 

    स्वर संधि दो स्वरों के बीच होने वाली संधि
    व्यंजन संधि व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन के मध्य होने वाली संधि
    विसर्ग
    संधि 
    विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर
    विसर्ग में होने वाला संधि कार्य
    Additional Information
    •  विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर विसर्ग में जो विकार आता है।उसे विसर्ग संधि कहते है।
    • जैसे: नि:+आहार=निराहार 
    •        दु;+आशा=दुराशा 
    • विसर्ग का 'ओ' हो जाने के नियम के बारे में जानते है।
    यदि विसर्ग के पहले 'अ'और बाद में 'अ ' अथवा प्रत्येक वर्ग का तीसरा,चौथा,पांचवा वर्ण अथवा
    'य', 'र', 'ल', 'व','ह' हो तो विसर्ग का 'ओ' जाता है 
    पयः+द=पयोद
    मन:+रथ=मनोरथ
    पयः+धन=पयोधन  
  • Question 10/10
    1 / -0.25

    'स्वर संधि' के कितने भेद होते हैं ?
    Solutions

    स्वर संधि के 5  भेद होते है। Key Points

    • स्वर के साथ स्वर का मेल होने पर जो विकार होता है, उसे स्वर सन्धि कहते हैं।
      • अन्य शब्दों में :
      • जब दो स्वर आपस में जुड़ते हैं या दो स्वरों के मिलने से उनमें जो परिवर्तन आता है, तो वह स्वर संधि कहलाती है। 
    • जैसे :
      • विद्यालय : विद्या + आलय 
      • इस उदाहरण में आप देख सकते है कि जब दो स्वरों को मिलाया गया तो मुख्य शब्द में हमें अंतर देखने को मिला।
      • दो आ मिले एवं उनमे से एक आ का लोप हो गया
    Additional Information
    स्वर के भेद परिभाषा 

    दीर्घ संधि                                                                 

    जब ऐसा होता है तो हम इसे दीर्घ संधि कहते है। इस संधि को ह्रस्व संधि भी कहा जाता है।

    उदाहरण:
    विद्या + अभ्यास : विद्याभ्यास (आ + अ = आ)

    गुण संधि

    जब संधि करते समय  (अ, आ) के साथ (इ , ई) हो तो ‘ए‘ बनता है, जब (अ ,आ)के साथ (उ , ऊ) हो तो ‘ओ‘ बनता है, जब (अ, आ) के साथ (ऋ) हो तो ‘अर‘ बनता है तो यह गुण संधि कहलाती है।

    उदाहरण:
    महा + उत्सव :  महोत्सव  (आ + उ = ओ)

    वृद्धि संधि


    जब संधि करते समय जब अ , आ  के साथ  ए , ऐ  हो तो ‘ ऐ ‘ बनता है और जब अ , आ  के साथ ओ , औ हो तो ‘ औ ‘ बनता है। उसे वृधि संधि कहते हैं।

    उदाहरण:
    महा + ऐश्वर्य : महैश्वर्य (आ + ऐ = ऐ)

    यण संधि


    जब संधि करते समय इ, ई के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ य ‘ बन जाता है, जब उ, ऊ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ व् ‘ बन जाता है , जब ऋ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ र ‘ बन जाता है।

    उदाहरण :
    अति + अधिक : अत्यधिक (इ + अ = य)

    अयादि संधि


    जब संधि करते समय ए , ऐ , ओ , औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो (ए का अय), (ऐ का आय), (ओ का अव), (औ – आव) बन जाता है। यही अयादि संधि कहलाती है।

    उदाहरण:
    श्री + अन : श्रवण

Close button icon
User Profile
-

Correct (-)

Wrong (-)

Skipped (-)


  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
  • 6
  • 7
  • 8
  • 9
  • 10
Mockers logo Get latest Exam Updates
& Study Material Alerts!
No, Thanks
Arrow pointer icon
Click on Allow to receive notifications
Notification bell icon ×
Open Now