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Mock Test 10
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  • Question 1/38
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    गति भेद को समायोजित करने के लिए प्रयुक्त मेमोरी बफर को क्या कहते है?

    गति भेद को समायोजित करने के लिए प्रयुक्त मेमोरी बफर को क्या कहते है?

  • Question 2/38
    2 / -0.5

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    क्लोरोफिल में क्या होता है?

    क्लोरोफिल में क्या होता है?

  • Question 3/38
    2 / -0.5

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    पुरालेख शास्त्र किसका अध्धयन है?

    पुरालेख शास्त्र किसका अध्धयन है?

  • Question 4/38
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    बी.सी. रॉय पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है।

    बी.सी. रॉय पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है।

  • Question 5/38
    2 / -0.5

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    पुलित्जर पुरस्कार किस क्षेत्र में असाधारण कार्य करने के लिए दिया जाता है?

    पुलित्जर पुरस्कार किस क्षेत्र में असाधारण कार्य करने के लिए दिया जाता है?

  • Question 6/38
    2 / -0.5

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    भारत के कच्छ का रण किसलिए प्रसिद्ध है?

    भारत के कच्छ का रण किसलिए प्रसिद्ध है?

  • Question 7/38
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    पृथ्वी जिस समय सूर्य से सबसे अधिक दुरी पर होती है उस समय उसकी स्थिति क्या होती है?

    पृथ्वी जिस समय सूर्य से सबसे अधिक दुरी पर होती है उस समय उसकी स्थिति क्या होती है?

  • Question 8/38
    2 / -0.5

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    खाना बनाने के लिए प्रयुक्त बायोगैस किसका मिश्रण है?

    खाना बनाने के लिए प्रयुक्त बायोगैस किसका मिश्रण है?

  • Question 9/38
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से कौन देवानाम पियादसी के नाम से जाना जाता था?

    निम्नलिखित में से कौन देवानाम पियादसी के नाम से जाना जाता था?

  • Question 10/38
    2 / -0.5

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    संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया?

    संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया?

  • Question 11/38
    2 / -0.5

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    रूबल किस देश की मुद्रा है?

    रूबल किस देश की मुद्रा है?

  • Question 12/38
    2 / -0.5

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    ज्ञानपीठ पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र में दिया जाता है?

    ज्ञानपीठ पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र में दिया जाता है?

  • Question 13/38
    2 / -0.5

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    भारत में जूट का अधिकतम क्षेत्र किस राज्य में पाया जाता है?

    भारत में जूट का अधिकतम क्षेत्र किस राज्य में पाया जाता है?

  • Question 14/38
    2 / -0.5

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    क्षेत्रफल के अनुसार, सर्वाधिक वन आच्छादन किस राज्य का है?

    क्षेत्रफल के अनुसार, सर्वाधिक वन आच्छादन किस राज्य का है?

  • Question 15/38
    2 / -0.5

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    गौतम बुद्ध का जन्म स्थान था-

    गौतम बुद्ध का जन्म स्थान था-

  • Question 16/38
    2 / -0.5

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    ‘रणजी ट्रॉफी’ किस खेल से सम्बंधित है?

    ‘रणजी ट्रॉफी’ किस खेल से सम्बंधित है?

  • Question 17/38
    2 / -0.5

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    प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है क्योकि-

    प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है क्योकि-

  • Question 18/38
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से किसे कंप्यूटर की मुख्य स्मृति(memory) कहा जाता है?

    निम्नलिखित में से किसे कंप्यूटर की मुख्य स्मृति(memory) कहा जाता है?

  • Question 19/38
    2 / -0.5

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    अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा है-

    अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा है-

  • Question 20/38
    2 / -0.5

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    इडुक्कीबांध किस नदी पर स्थित है-

    इडुक्कीबांध किस नदी पर स्थित है-

  • Question 21/38
    2 / -0.5

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    वह चीनी यात्री जो हर्षवर्धन के दरबार में आया था-

    वह चीनी यात्री जो हर्षवर्धन के दरबार में आया था-

  • Question 22/38
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से किस ग्रह को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है

    निम्नलिखित में से किस ग्रह को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है

  • Question 23/38
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से बिजली का नवीकरणीय संसाधन कौन सा है-

    निम्नलिखित में से बिजली का नवीकरणीय संसाधन कौन सा है-

  • Question 24/38
    2 / -0.5

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    संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया है-

    संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया है-

  • Question 25/38
    2 / -0.5

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    राज्य के निति-निदेशक सिद्धांतों का उल्लेख संविधान के किस भाग में किया गया है?

    राज्य के निति-निदेशक सिद्धांतों का उल्लेख संविधान के किस भाग में किया गया है?

  • Question 26/38
    2 / -0.5

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    ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में सबसे बड़ा दिन कब होता है?

    ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में सबसे बड़ा दिन कब होता है?

  • Question 27/38
    2 / -0.5

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    रेमन मैग्सेसे पुरस्कार निम्नलिखित में से किस व्यक्ति के नाम पर दिया जाता है?

    रेमन मैग्सेसे पुरस्कार निम्नलिखित में से किस व्यक्ति के नाम पर दिया जाता है?

  • Question 28/38
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में सतह से सतह पर मार करने वाली पहली मिसाइल है-

    निम्नलिखित में सतह से सतह पर मार करने वाली पहली मिसाइल है-

  • Question 29/38
    2 / -0.5

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    विश्व की सबसे लम्बी नदी कौन-सी है?

    विश्व की सबसे लम्बी नदी कौन-सी है?

  • Question 30/38
    2 / -0.5

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    ‘मोहिनीअट्टम नृत्य’ किस राज्य से सम्बंधित है?

    मोहिनीअट्टम नृत्य’ किस राज्य से सम्बंधित है?

  • Question 31/38
    2 / -0.5

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    राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ कब मनाया जाता है?

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ कब मनाया जाता है?

  • Question 32/38
    2 / -0.5

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    मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी है?

    मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी है?

  • Question 33/38
    2 / -0.5

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    भारत को पहला नोबेल पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र के लिए दिया गया था?

    भारत को पहला नोबेल पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र के लिए दिया गया था?

  • Question 34/38
    2 / -0.5

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    ‘Origin of species’ पुस्तक किसने लिखी है?

    ‘Origin of species’ पुस्तक किसने लिखी है?

  • Question 35/38
    2 / -0.5

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    लघु उद्योगों के लिये सर्वोच्च वित्त निकाय कोनसा है?

    लघु उद्योगों के लिये सर्वोच्च वित्त निकाय कोनसा है?

  • Question 36/38
    2 / -0.5

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    ओजोन परत अवक्षय का क्या कारण है?

    ओजोन परत अवक्षय का क्या कारण है?

  • Question 37/38
    2 / -0.5

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    किस वृक्ष से मलेरिया रोग की औषधि प्राप्त की जाती है?

    किस वृक्ष से मलेरिया रोग की औषधि प्राप्त की जाती है?

  • Question 38/38
    2 / -0.5

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    उत्तरप्रदेश को कितने प्राकृतिक भागों में विभाजित किया गया है?

    उत्तरप्रदेश को कितने प्राकृतिक भागों में विभाजित किया गया है?

  • Question 1/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित आकृति में वर्ग दंत चिकित्सकों को दर्शाता है, त्रिभुज कलेक्टरों को दर्शाता है, वृत्त भारतीयों को दर्शाता है तथा आयत औरतो को दर्शाता है। अक्षरों का कौन सा समूह भारतीयों को दर्शाता है जो या तो कलेक्टर है या महिला है?

    निम्नलिखित आकृति में वर्ग दंत चिकित्सकों को दर्शाता है, त्रिभुज कलेक्टरों को दर्शाता है, वृत्त भारतीयों को दर्शाता है तथा आयत औरतो को दर्शाता है। अक्षरों का कौन सा समूह भारतीयों को दर्शाता है जो या तो कलेक्टर है या महिला है?

  • Question 2/37
    2 / -0.5

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    यदि 5 # 9 @ 7 = 52 तथा 3 @ 9 # 2 = -89 हो, तो 7 # 6 @ 9 = ?

    यदि 5 # 9 @ 7 = 52 तथा 3 @ 9 # 2 = -89 हो, तो 7 # 6 @ 9 = ?

  • Question 3/37
    2 / -0.5

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    चिराग का जन्मदिन गुरुवार 1 जून को है। यदि रियांश का जन्म 3 दिसंबर को हुआ था तो उसी वर्ष रियांश का जन्मदिन सप्ताह में किस दिन होगा?

    चिराग का जन्मदिन गुरुवार 1 जून को है। यदि रियांश का जन्म 3 दिसंबर को हुआ था तो उसी वर्ष रियांश का जन्मदिन सप्ताह में किस दिन होगा?

  • Question 4/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से प्रश्न चिन्ह (?) के स्थान पर आने वाली संख्या को चुनिए|

    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से प्रश्न चिन्ह (?) के स्थान पर आने वाली संख्या को चुनिए|

  • Question 5/37
    2 / -0.5

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    कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूपको पूरा करेगी ?

    कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूप को पूरा करेगी ?

  • Question 6/37
    2 / -0.5

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    यदि "÷" दर्शाता हैं "गुणा" , "+" दर्शाता हैं "घटा", "–" दर्शाता हैं "जोड़ " , "x" दर्शाता हैं "भाग" तो निम्न में से कौन सा समीकरण सत्य है?

    यदि "÷" दर्शाता हैं "गुणा" , "+" दर्शाता हैं "घटा", "–" दर्शाता हैं "जोड़ " , "x" दर्शाता हैं "भाग" तो निम्न में से कौन सा समीकरण सत्य है?

  • Question 7/37
    2 / -0.5

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    यदि 12 (20) 16 तथा 21 (35) 28 है, तो 48 (80) A में A का मान क्या है?

    यदि 12 (20) 16 तथा 21 (35) 28 है, तो 48 (80) A में A का मान क्या है?

  • Question 8/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।

    111 : 37 :: 123 : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।

    111 : 37 :: 123 : ?

  • Question 9/37
    2 / -0.5

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     प्रश्न में दो कथन दिये गये है जिसके आगे दो निष्कर्ष I और II निकाले गये है। आपको मानना है कि दोनोकथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यो से भिन्न प्रतीत होते हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए निष्कर्षो में से कौन-सा/कौन-सेनिश्चित रुप से कथन द्वारा सही निकाला जा सकता है/सकते है, यदि कोई हो।

    कथन 1: कुछ चतुर बुद्धिमान हैI

    कथन 2: कोई भी बुद्धिमान होशियार नही हैI

    निष्कर्ष I: कुछ बुद्धिमान चतुर है।

    निष्कर्ष II: कुछ होशियार चतुर है।

    प्रश्न में दो कथन दिये गये है जिसके आगे दो निष्कर्ष I और II निकाले गये है। आपको मानना है कि दोनो कथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यो से भिन्न प्रतीत होते हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए निष्कर्षो में से कौन-सा/कौन-से निश्चित रुप से कथन द्वारा सही निकाला जा सकता है/सकते है, यदि कोई हो।

    कथन 1: कुछ चतुर बुद्धिमान हैI

    कथन 2: कोई भी बुद्धिमान होशियार नही हैI

    निष्कर्ष I: कुछ बुद्धिमान चतुर है।

    निष्कर्ष II: कुछ होशियार चतुर है।

  • Question 10/37
    2 / -0.5

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    वह आरेख चुनिए जो नीचे दिएगए वर्गो के बीच के संबंध का सही निरूपण करता है।

    व्यावसायिक, चार्टर्ड एकाउंटेंट, महिला

    वह आरेख चुनिए जो नीचे दिए गए वर्गो के बीच के संबंध का सही निरूपण करता है।

    व्यावसायिक, चार्टर्ड एकाउंटेंट, महिला

  • Question 11/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।

    दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।

  • Question 12/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।

    FHK : DFI :: OQT : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।

    FHK : DFI :: OQT : ?

  • Question 13/37
    2 / -0.5

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     नीचे के प्रश्न आकृतियों में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसादिखाई देगा?

    नीचे के प्रश्न आकृतियों में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसा दिखाई देगा?

  • Question 14/37
    2 / -0.5

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    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।

    DEC, HIG, LMK, PQO, TUS, ?

    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।

    DEC, HIG, LMK, PQO, TUS, ?

  • Question 15/37
    2 / -0.5

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    दी गई आकृति में कितने त्रिभुज है?

    दी गई आकृति में कितने त्रिभुज है?

  • Question 16/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।

    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।

  • Question 17/37
    2 / -0.5

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    नीचे के प्रश्न आकृतियो में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसा दिखाई देगा?

    नीचे के प्रश्न आकृतियो में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसा दिखाई देगा?

  • Question 18/37
    2 / -0.5

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    यदि एक दर्पण को AB रेखा पर रखा जाए, तो दी गई उत्तर आकृतियो में से कौन सी आकृति प्रश्न आकृति की सही प्रतिबिम्ब होगी?

    यदि एक दर्पण को AB रेखा पर रखा जाए, तो दी गई उत्तर आकृतियो में से कौन सी आकृति प्रश्न आकृति की सही प्रतिबिम्ब होगी?

  • Question 19/37
    2 / -0.5

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    दी गई उत्तर आकृतियो में से उस उत्तर आकृति को चुनिए जिसमें प्रश्न आकृति निहित है|

    दी गई उत्तर आकृतियो में से उस उत्तर आकृति को चुनिए जिसमें प्रश्न आकृति निहित है|

  • Question 20/37
    2 / -0.5

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    चार बक्सो का वजन 20, 90, 40 और 60 किलोग्राम है। निम्नलिखित में से बक्सो के किसी भी संयोजन से कुल वज़न, किलोग्राम में कौन सा नहीं हो सकता है और एक सन्योजन मे एक बक्सा एक ही बार प्रयोग मे लाया जा सकता है?

    चार बक्सो का वजन 20, 90, 40 और 60 किलोग्राम है। निम्नलिखित में से बक्सो के किसी भी संयोजन से कुल वज़न, किलोग्राम में कौन सा नहीं हो सकता है और एक सन्योजन मे एक बक्सा एक ही बार प्रयोग मे लाया जा सकता है?

  • Question 21/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित आकृति में, वर्ग आहार विशेषज्ञो को दर्शाता है, त्रिभुज वनस्पतिज्ञों को दर्शाता है, वृत मनोवैज्ञानिकों को दर्शाता है ओर आयत भारतीयो को दर्शाता है| अक्षरों का कौन सा समूह मनोवैज्ञानिक को दर्शाता है जो या तो भारतीय है या वनस्पतिज्ञ है?

    निम्नलिखित आकृति में, वर्ग आहार विशेषज्ञो को दर्शाता है, त्रिभुज वनस्पतिज्ञों को दर्शाता है, वृत मनोवैज्ञानिकों को दर्शाता है ओर आयत भारतीयो को दर्शाता है| अक्षरों का कौन सा समूह मनोवैज्ञानिक को दर्शाता है जो या तो भारतीय है या वनस्पतिज्ञ है?

  • Question 22/37
    2 / -0.5

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    प्रश्न में एक कथन दिया गया है जिसके आगे दो तर्क I और II दिए गये है। आपको मानना है कि कथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यों से भिन्न प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ कौन-से तर्क मज़बूत है, यदि कोई हो।

    कथन: क्या चिड़ियाघरो को बंद किया जाना चाहिए?

    तर्क I: हां, जानवरो को कैद करना एक अपराध है।

    तर्क II: नही, मनोरंजन के लिए अगर जानवरो को कैद में रखा जाता है तो वह ठीक है।

    प्रश्न में एक कथन दिया गया है जिसके आगे दो तर्क I और II दिए गये है। आपको मानना है कि कथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यों से भिन्न प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ कौन-से तर्क मज़बूत है, यदि कोई हो।

    कथन: क्या चिड़ियाघरो को बंद किया जाना चाहिए?

    तर्क I: हां, जानवरो को कैद करना एक अपराध है।

    तर्क II: नही, मनोरंजन के लिए अगर जानवरो को कैद में रखा जाता है तो वह ठीक है।

  • Question 23/37
    2 / -0.5

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    दिए गए प्रश्न में, निम्नलिखित विकल्पों में से वह शब्द चुनिए जो दिए गए शब्द के अक्षरों का प्रयोग करके नहीं बनाया जा सकता है।

    ABSOLUTE

    दिए गए प्रश्न में, निम्नलिखित विकल्पों में से वह शब्द चुनिए जो दिए गए शब्द के अक्षरों का प्रयोग करके नहीं बनाया जा सकता है।

    ABSOLUTE

  • Question 24/37
    2 / -0.5

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    नीचे एक घन की तीन अवस्थाएँ दर्शायी गयी है| ‘B’ के विपरीत फलक पर कौन सा अक्षर आयेगा?

    नीचे एक घन की तीन अवस्थाएँ दर्शायी गयी है| ‘B’ के विपरीत फलक पर कौन सा अक्षर आयेगा?

  • Question 25/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षर युग्म को चुनिए।

    निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षर युग्म को चुनिए।

  • Question 26/37
    2 / -0.5

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    एक शब्द केवल एक संख्या - समूह द्वारा दर्शाया गया है जैसे की विकल्पों में से किसी एक में दिया गया हैI विकल्पों में दिए गए संख्या-समूह अक्षरों के दो वर्गों द्वारा दर्शाये गए है जैसे की नीचे दिए गए दो आव्यूहों में हैI आव्यूह-‌I के स्तम्भ और पंक्ति की संख्या 0 से 4 तक दी गई है, और आव्यूह-II के 5 से 9 तक, इन आव्यूहों से एक अक्षर को पहले उसकी पंक्ति और बाद में स्तम्भ संख्या द्वारा दर्शाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ’K’ को 42, 34, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है तथा 'Z' को 75, 86, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है। इसी तरह से आपको प्रश्न में दिए शब्द 'RUBY' के लिए समूह को पहचानना हैI

    एक शब्द केवल एक संख्या - समूह द्वारा दर्शाया गया है जैसे की विकल्पों में से किसी एक में दिया गया हैI विकल्पों में दिए गए संख्या-समूह अक्षरों के दो वर्गों द्वारा दर्शाये गए है जैसे की नीचे दिए गए दो आव्यूहों में हैI आव्यूह-‌I के स्तम्भ और पंक्ति की संख्या 0 से 4 तक दी गई है, और आव्यूह-II के 5 से 9 तक, इन आव्यूहों से एक अक्षर को पहले उसकी पंक्ति और बाद में स्तम्भ संख्या द्वारा दर्शाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ’K’ को 42, 34, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है तथा 'Z' को 75, 86, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है। इसी तरह से आपको प्रश्न में दिए शब्द 'RUBY' के लिए समूह को पहचानना हैI

  • Question 27/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षरों को चुनिए।

    दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षरों को चुनिए।

  • Question 28/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।

    60 : 15 :: 100 : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।

    60 : 15 :: 100 : ?

  • Question 29/37
    2 / -0.5

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    इशान का जन्मदिन शुक्रवार 10 मार्च को है। यदि श्र्लोक का जन्म 25 सितंबर को हुआ था तो उसी वर्ष श्र्लोक का जन्मदिन सप्ताह के किस दिन होगा?

    इशान का जन्मदिन शुक्रवार 10 मार्च को है। यदि श्र्लोक का जन्म 25 सितंबर को हुआ था तो उसी वर्ष श्र्लोक का जन्मदिन सप्ताह के किस दिन होगा?

  • Question 30/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।

    FDH : LJN :: RPT : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।

    FDH : LJN :: RPT : ?

  • Question 31/37
    2 / -0.5

    Mark Review

    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें से एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए, जो अनुक्रम को पूरा करे।

    KV, LU, MT, ?

    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें से एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए, जो अनुक्रम को पूरा करे।

    KV, LU, MT, ?

  • Question 32/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।

    गुणनफल : गुणा :: योग : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।

  • Question 33/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से विषम संख्या को चुनिए।

    दिए गए विकल्पों में से विषम संख्या को चुनिए।

  • Question 34/37
    2 / -0.5

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    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक संख्या लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।

    1, 0.25, 1/9, ? , 0.04, 1/36

    एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक संख्या लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।

    1, 0.25, 1/9, ? , 0.04, 1/36

  • Question 35/37
    2 / -0.5

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    कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूप को पूरा करेगी ?

    कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूप को पूरा करेगी ?

  • Question 36/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न में दी गई आकृति को मोड़कर नही बनाई जा सकती है?

    निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न में दी गई आकृति को मोड़कर नही बनाई जा सकती है?

  • Question 37/37
    2 / -0.5

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    दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।

    जीभ : स्वाद :: नाक : ?

    दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।

    जीभ : स्वाद :: नाक : ?

  • Question 1/38
    2 / -0.5

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    Ravindra walks at 6 km/hr and Riya cycles at 11 km/hr towards each other. What was the distance between them when they started if they meet after 42 minutes?

    रविंद्र 6 कि..मी./घंटा की गति से चल कर और रिया 11 कि.मी./घंटा की गति से साइकिल चलाते हुए एक दूसरे की तरफ आते है | यदि वे 42 मिनट के बाद मिलते है, तो शुरुआत में उनके बीच कितनी दूरी थी?

  • Question 2/38
    2 / -0.5

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    An angle is four times its complementary angle. What is the measure of the angle?

    एक कोण अपने पूरक कोण से चार गुना बड़ा है | कोण का माप क्या है?

  • Question 3/38
    2 / -0.5

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    Akhilesh is two times as good a workman as Bansi and therefore is able to finish a job in 39 days less than Bansi. Working together, they can do it in

    अखिलेश बंसी से दो गुना अधिक अच्छा कर्मचारी है और इसी कारण वह एक काम उससे 39 दिन कम में पूरा कर सकता है | दोनों मिलकर वह काम कितने दिन में करेंगे?

  • Question 4/38
    2 / -0.5

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    The sum of all prime numbers between 58 and 62 is

    58 और 62 के बीच की सभी अविभाज्य संख्याओं का योग क्या है?

  • Question 5/38
    2 / -0.5

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    25% discount is offered on an item. By applying a promo code the customer wins 22% cash back. What is the effective discount?

    एक वस्तु पर 25% छूट की पेशकश की गई है | एक प्रोमो कोड लागु करके ग्राहक 22% नकद वापस जीतता है| उसको मिली प्रभावी छूट क्या है ?

  • Question 6/38
    2 / -0.5

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    39 is 5.2% of?

    39 किस संख्या का 5.2% है?

  • Question 7/38
    2 / -0.5

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    A sum fetched a total simple interest of Rs. 8100 at the rate of 6% per year in 9 years. What is the sum?

    9 वर्षो में 6% वार्षिक दर से एक राशि पर 8100 रु का साधारण ब्याज बन जाता है | यह राशि कितनी है?

  • Question 8/38
    2 / -0.5

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    The average weight of Sudesh, Jyothi and Ritu is 89 kg. If the average weight of Sudesh and Jyothi be 98 kg and that of Jyothi and Ritu be 83 kg, then the weight of Jyothi is

    सुदेश,ज्योति और ऋतू का औसत वजन 89 किलो है| यदि सुदेश और ज्योति का औसत वजन 98 किलो होता है और ज्योति और ऋतू का औसत वजन 83 किलो होता है, तो ज्योति का वजन है

  • Question 9/38
    2 / -0.5

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    A container contains a mixture of two liquids A and B in the ratio 3: 2. When 5 litres of mixture are drawn off and the container is filled with B, the ratio of A and B becomes 1 : 1. How many litres of liquid A was contained by the container initially?

    एक कंटेनर में दो तरल पदार्थ A और B का मिश्रण 3: 2 के अनुपात में होता है। जब 5 लीटर मिश्रण निकाल लिया जाता है और कंटेनर को B से भर दिया जाता है, तो A और B का अनुपात 1:1 हो जाता है। कितना लीटर तरल पदार्थ A शुरुआत में कंटेनर में था?

  • Question 10/38
    2 / -0.5

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    The average of 11 results is 50. The average of the 6 results is 49 and that of the last 6 results is 52. What is the 6th result?

    11 परिणामों का औसत 50 है| पहले 6 परिणामों का औसत 49 है और अंतिम 6 परिणामों का औसत 52 है| छठा परिणाम क्या है?

  • Question 11/38
    2 / -0.5

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    Let  F =  When F is written as a Traction in lowest terms, the denominator exceeds the numerator by :

    माना F =  , जब F सबसे कम पद में एक ट्रैक्शन के रूप में लिखा जाता है, तो भाजक अंश से अधिक है:

  • Question 12/38
    2 / -0.5

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    A man bought a watch at 25% discount on the original price. He got Rs.40 more than the original price by selling it at 140% of the price at which he bought. The price of buying the watch was:

    एक आदमी ने मूल कीमत पर 25% छूट पर एक घड़ी खरीदी। उसने जिस कीमत पर घड़ी खरीदी उसके 140% पर उसे बेचने पर उसे मूल कीमत से रू. 40 अधिक प्राप्त होते हैं । वह मूल्य जिस पर उसने घड़ी खरीदी थी -

  • Question 13/38
    2 / -0.5

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    The LCM and HCF of 2 numbers are 168 and 6 respectively. If one of the numbers is 24, find the other.

    दो संख्याओं का ल.स.प. और म.स.प. क्रमश: 168 और 6 है| यदि एक संख्या 24 है, तो दूसरी संख्या ज्ञात कीजिये?

  • Question 14/38
    2 / -0.5

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    If   x = (0.09)2,y = 1.1(0.09)2  and  z = (1 − 0.09)− 1 then which of the following relation is true?

    यदि x = (0.09)2,y = 1.1(0.09)2  और z = (1 − 0.09)− 1 तो निम्नलिखित में से कौनसा संबंध सत्य है?

  • Question 15/38
    2 / -0.5

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    The area of a rectangle is 42sq.cm and its length is 7cm. Find its perimeter.

    एक आयत का क्षेत्रफल 42 वर्ग सेमी है और इसकी लंबाई 7 सेमी है| इसका परिमाप ज्ञात कीजिये?

  • Question 16/38
    2 / -0.5

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    A triangle has a perimeter of 200. If two of its sides are equal and the third side is 20 more than the equal sides, what is the length of the third side?

    एक त्रिभुज का परिमाप 200 है। यदि इसकी दो भुजाएं समान हैं और तीसरी भुजा इन समान भुजाओं से 20 अधिक है, तो तीसरी भुजा की लम्बाई क्या है?

  • Question 17/38
    2 / -0.5

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    From a container, 6 liters milk was drawn out and was replaced by water. Again 6 liters of mixture was drawn out and was replaced by the water. Thus the quantity of milk and water in the container after these two operations is 9:16. The quantity of mixture is:

    एक पात्र से, 6 लीटर दूध बाहर निकाला गया और उसके स्थान पर पानी डाल दिया गया| फिर से 6 लीटर मिश्रण बाहर निकाला गया और उसके स्थान पर पानी डाल दिया गया| इस प्रकार, इन दोनों कार्यवाहियों के बाद पात्र में दूध और पानी की मात्रा का अनुपात 9 : 16 हो गया| मिश्रण की मात्रा है:

  • Question 18/38
    2 / -0.5

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    The mean of the following numbers arranged in ascending order is 2.5, if so find x?

    0, 0, 1, 1, 2, 2, x, 3, 3, 4, 5, 7

    निम्नलिखित संख्याओं को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर इनकी माध्यिका 2.5 है| यदि ऐसा है, तो x का मान है: 

    0, 0, 1, 1, 2, 2, x, 3, 3, 4, 5, 7

  • Question 19/38
    2 / -0.5

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    If  ax+y = aand  x > y by 2 find x.

    यदि ax+y = a6 और x, y से 2 अधिक है, तो x का मान ज्ञात करें-

  • Question 20/38
    2 / -0.5

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    Rs 5625 are divided among A, B and C such that A may receive one – half as much as B and C together receive and B receive one-fourth of what A and C together receive .The share of A is more than that by B.

    5,625 रूपये की राशि A, B और C के मध्य इस प्रकार बांटे जाते हैं कि A को B और C के हिस्से का आधा मिलता है और B को A और C के हिस्से का एक-चौथाई हिस्सा मिलता है| A का हिस्सा B के हिस्से से कितना ज्यादा है?

  • Question 21/38
    2 / -0.5

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    If each side of a square is increased by 20% . What is the increase % in its area?

    यदि वर्ग की प्रत्येक भुजा को 20% बढ़ा दिया जाए तो इसके क्षेत्रफल में कितने (%) वृद्धि होगी ?

  • Question 22/38
    2 / -0.5

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    Rohit buys two packets of balls. One contains 40 orange colour balls and other contains 60 yellow colour balls. After reaching his home, he finds that 10% of orange colour balls and 20% of yellow colour balls are defective. Find the percentage of balls that are not defective.

    रोहित गेंदों की दो पैकेट खरीदता है। एक 40 नारंगी रंग की गेंदों का होता है और दूसरा 60 पीले रंग की गेंदों का होता है। अपने घर पहुंचने के बाद, वह पाता है कि 10% नारंगी रंग की गेंदें और 20% पीले रंग की गेंदें दोषपूर्ण हैं। उन गेंदों के प्रतिशत का पता लगायें जो दोषपूर्ण नहीं है|

  • Question 23/38
    2 / -0.5

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    If three coins are tossed simultaneously, what is the probability of getting at least two heads?

    यदि तीन सिक्कों को एक साथ टॉस किया जाता है, तो कम से कम दो हेड प्राप्त होने की प्रायिकता क्या है? 

  • Question 24/38
    2 / -0.5

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    Five years ago a man was seven times as old as his son. Five years hence, the father will be three times as old as his son. Find their present ages.

    पाँच वर्ष पहले एक आदमी अपने पुत्र की आयु का सात गुना था। पांच साल बाद, पिता अपने पुत्र की आयु का तीन गुना होगा। उनकी वर्तमान आयु ज्ञात करें। 

  • Question 25/38
    2 / -0.5

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    Manu sold a dozen watches for Rs.1454.64 per watch and made a profit of 16%. Find the cost price of a watch?

    मनु ने एक दर्जन घड़ियां 1454.64 रु. प्रति घडी की दर पर बेचीं और 16% का लाभ प्राप्त किया| एक घडी का क्रय मूल्य ज्ञात कीजिये?

  • Question 26/38
    2 / -0.5

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    If by selling 20 cycles Vinay incurs a loss equal to the selling price of 2 cycles, find his loss percentage.

    यदि 20 साइकिलों को बेचकर विनय को 2 साइकिलों के विक्रय मूल्य के बराबर की हानि होती है, तो उसका हानि प्रतिशत ज्ञात कीजिये?

  • Question 27/38
    2 / -0.5

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    What will Rs. 40,000 amount to in 2 years at the rate of 20% p.a., if interest is compounded yearly?

    40,000 रु. की एक धनराशि 2 वर्षों में चक्रवृद्धि ब्याज की 20% वार्षिक दर पर कितनी हो जायेगी, यदि ब्याज वार्षिक रूप से देय है?

  • Question 28/38
    2 / -0.5

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    How long will a sum of money take to double, if it is invested at 9.09% p.a. simple interest?

    एक धनराशि स्वयं का दोगुना होने में कितना समय लेगी यदि यदि उसे साधारण ब्याज की 9.09% दर पर निवेश किया जाता है?

  • Question 29/38
    2 / -0.5

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    A train having a length of 500 m passes through a tunnel of 1000 m in 1 minute. What is the speed of the train in Km/hr?

    500 मीटर लंबी एक ट्रेन 1000 मीटर लंबी एक सुरंग को 1 मिनट में पार करती है| ट्रेन की गति क्या है?

  • Question 30/38
    2 / -0.5

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    X is 5 ft tall and he notices that he casts a shadow that's 3 ft long. He then measures that the shadow cast by his school building is 30 ft long. How tall is the building?

    X, 5 फीट लंबा है और वह ध्यान देते है कि वह 3 फीट लंबी छाया बना सकता है| उसके बाद वह मापता है कि उसकी स्कूल ईमारत द्वारा बनायीं गयी छाया 30 फीट लंबी है| इमारत कितनी लंबी है?

  • Question 31/38
    2 / -0.5

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    Working alone, A can do a job in 15 days and B can do the same job in 18 days. In how many days will the job be completed if both work together?

    अकेले कार्य करते हुए, A एक कार्य को 15 दिनों में पूरा कर सकता है और B उसी कार्य को 18 दिनों में पूरा कर सकता है| यदि वे दोनों एक साथ कार्य करते हैं, तो कार्य कितने दिनों में पूरा हो जायेगा?

  • Question 32/38
    2 / -0.5

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    P is twice as efficient as Q. Q takes 12 days to complete a job. If both of them work together, how much time will they take to complete the job?

    P, Q से दोगुना दक्ष है| Q एक कार्य को पूरा करने में 12 दिन लेता है| यदि वे दोनों एक साथ कार्य करते हैं, तो कार्य कितने समय में पूरा हो जायेगा? 

  • Question 33/38
    2 / -0.5

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    Find the value of   tan2θ − sec2θ , if  3 − 4cos2θ = 0

    tan2θ − sec2θ का मान ज्ञात कीजिए, यदि  3 − 4cos2θ = 0

  • Question 34/38
    2 / -0.5

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  • Question 35/38
    2 / -0.5

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    if 10sin4α + 15cos4α = 6,find 27cosec6α + 8sec6α

    यदि  10sin4α + 15cos4α = 6,तो 27cosec6α + 8sec6α का मान ज्ञात करो?

  • Question 36/38
    2 / -0.5

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    If Δ  PQR and Δ LMN  are similar and 1.5 PQ = LM and MN = 4.5cm, then is QR equal to :

    यदि Δ PQR और Δ LMN समरूप हो और 1.5PQ=LM और MN=4.5 सेमी तो QR का मान होगा -

  • Question 37/38
    2 / -0.5

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    AB is a chord of length 16 cm of a circle of radius 10 cm. The tangent at A and B intersect at a point P. Find the length of PA.

    10 सेमी. त्रिज्या वाले एक वृत्त में 16 सेमी. लंबाई की एक जीवा है।  A तथा B  पर खीचीं गई स्पर्श रेखाएँ बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती है। PA की लंबाई ज्ञात कीजिए? 

  • Question 38/38
    2 / -0.5

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    Michelle has the following data:14, 6, 12, 17, 21, 10, 4, 3. What is the range?

    मिशेल के पास निम्नलिखित डेटा है:14, 6, 12, 17, 21, 10, 4, 3, रेंज क्या है ?

  • Question 1/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित अनेकार्थी शब्द का दूसरा अर्थ बताइएI

    घुटना

    निम्नलिखित अनेकार्थी शब्द का दूसरा अर्थ बताइएI

    घुटना

  • Question 2/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित प्रश्न में प्रत्येक शब्द के साथ चार विकल्प दिए गये हैंl इनमें से तीन पर्यायवाची हैं और एक शब्द पर्यायवाची नहीं हैl जो पर्यायवाची नहीं है, उसका चयन कीजिएl

    अहि

    निम्नलिखित प्रश्न में प्रत्येक शब्द के साथ चार विकल्प दिए गये हैंl इनमें से तीन पर्यायवाची हैं और एक शब्द पर्यायवाची नहीं हैl जो पर्यायवाची नहीं है, उसका चयन कीजिएl

    अहि

  • Question 3/37
    2 / -0.5

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    दिए गये प्रश्न के शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिएl

    खाद-खाद्य

    दिए गये प्रश्न के शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिएl

    खाद-खाद्य

  • Question 4/37
    2 / -0.5

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    हिन्दी वर्णमाला में ‘अं’ और ‘अ:’ क्या है?

    हिन्दी वर्णमाला में ‘अं’ और ‘अ:’ क्या है?

  • Question 5/37
    2 / -0.5

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    जिन व्यंजनों के उच्चारण में दोनों ओष्ठों द्वारा श्वास का अवरोध होता है, वे क्या कहलाते हैं?

    जिन व्यंजनों के उच्चारण में दोनों ओष्ठों द्वारा श्वास का अवरोध होता है, वे क्या कहलाते हैं?

  • Question 6/37
    2 / -0.5

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    निम्न में से कौन-सा शब्दकोश में सबसे बाद में आएगा?

    निम्न में से कौन-सा शब्दकोश में सबसे बाद में आएगा?

  • Question 7/37
    2 / -0.5

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    ‘सम्बल’ में कौन-सी ध्वनि है?

    ‘सम्बल’ में कौन-सी ध्वनि है?

  • Question 8/37
    2 / -0.5

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    ‘जो पढ़ेगा वही उत्तीर्ण होगा’ – वाक्य है

    ‘जो पढ़ेगा वही उत्तीर्ण होगा’ – वाक्य है

  • Question 9/37
    2 / -0.5

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    हाथी जंगल में रहते हैं-यह वाक्य है

    हाथी जंगल में रहते हैं-यह वाक्य है

  • Question 10/37
    2 / -0.5

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    प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl

    बिना प्रयास/परिश्रम के

    प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl

    बिना प्रयास/परिश्रम के

  • Question 11/37
    2 / -0.5

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    प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl

    दिशायें ही जिनके वस्त्र है

    प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl

    दिशायें ही जिनके वस्त्र है

  • Question 12/37
    2 / -0.5

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    ‘विज्ञ’ का विलोम शब्द है

    ‘विज्ञ’ का विलोम शब्द है

  • Question 13/37
    2 / -0.5

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    ‘आस्था’ का विलोम शब्द है

    ‘आस्था’ का विलोम शब्द है

  • Question 14/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से कौन-सा उपसर्ग रहित शब्द है?

    निम्नलिखित में से कौन-सा उपसर्ग रहित शब्द है?

  • Question 15/37
    2 / -0.5

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    ‘अनुज’ शब्द को स्त्रीवाचक बनाने के लिए किस प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है?

    ‘अनुज’ शब्द को स्त्रीवाचक बनाने के लिए किस प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है?

  • Question 16/37
    2 / -0.5

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    ‘पद+छेद’ विग्रह पद का संधि होगा

    ‘पद+छेद’ विग्रह पद का संधि होगा

  • Question 17/37
    2 / -0.5

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    ‘माता-पिता’ सामसिक पद का विग्रह होगा

    ‘माता-पिता’ सामसिक पद का विग्रह होगा

  • Question 18/37
    2 / -0.5

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    ‘निर्धन’ में कौन-सी संधि है?

    ‘निर्धन’ में कौन-सी संधि है?

  • Question 19/37
    2 / -0.5

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    निम्न में मुस्लिम शासन के प्रभाव से आया शब्द है

    निम्न में मुस्लिम शासन के प्रभाव से आया शब्द है

  • Question 20/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित शब्दों में से तद्भव शब्द का चयन कीजिएl

    निम्नलिखित शब्दों में से तद्भव शब्द का चयन कीजिएl

  • Question 21/37
    2 / -0.5

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    ‘यौगिक’ शब्द कौन-सा है?

    ‘यौगिक’ शब्द कौन-सा है?

  • Question 22/37
    2 / -0.5

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    ‘चोंच’ का तत्सम शब्द कौन-सा है?

    ‘चोंच’ का तत्सम शब्द कौन-सा है?

  • Question 23/37
    2 / -0.5

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    ‘हे भगवान! ये क्या हो गयाl’ वाक्य में कौन-सा कारक है?

    ‘हे भगवान! ये क्या हो गयाl’ वाक्य में कौन-सा कारक है?

  • Question 24/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गुणवाचक है?

    निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गुणवाचक है?

  • Question 25/37
    2 / -0.5

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    निम्नलिखित में कौन-सा शब्द विशेषण है?

    निम्नलिखित में कौन-सा शब्द विशेषण है?

  • Question 26/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    विकसित और विकासोन्मुख देशों में क्या अंतर है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    विकसित और विकासोन्मुख देशों में क्या अंतर है?

  • Question 27/37
    2 / -0.5

    Mark Review

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    कबीर के अनुसार ‘जागना’ का क्या आशय है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    कबीर के अनुसार ‘जागना’ का क्या आशय है?

  • Question 28/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    विज्ञान ने मनुष्य का हित किस प्रकार किया हैं?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    विज्ञान ने मनुष्य का हित किस प्रकार किया हैं?

  • Question 29/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    आपके अनुसार प्रस्तुत अवतरण का उपर्युक्त शीर्षक क्या हो सकता है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    आपके अनुसार प्रस्तुत अवतरण का उपर्युक्त शीर्षक क्या हो सकता है?

  • Question 30/37
    2 / -0.5

    Mark Review

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    प्रस्तुत अवतरण में ‘आविष्कार के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    प्रस्तुत अवतरण में ‘आविष्कार के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है?

  • Question 31/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    मनुष्य और अन्य जीवों के किस अंतर की ओर संकेत किया गया है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    मनुष्य और अन्य जीवों के किस अंतर की ओर संकेत किया गया है?

  • Question 32/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    पृथ्वी के जीवशुन्य होने का खतरा क्यों मंडराने लगा है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    पृथ्वी के जीवशुन्य होने का खतरा क्यों मंडराने लगा है?

  • Question 33/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    संसार में वायु-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ क्यों बढने लगी है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    संसार में वायु-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ क्यों बढने लगी है?

  • Question 34/37
    2 / -0.5

    Mark Review

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    ‘व्याकुलता’ का समानार्थी शब्द क्या है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    ‘व्याकुलता’ का समानार्थी शब्द क्या है?

  • Question 35/37
    2 / -0.5

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    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    संसार को महानाश से बचाने के लिए लेखक इस चीज को महत्व देता है?

    निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl

    इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl

    यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-

    सुखिया सब संसार है खाए और सोएl

    दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl

    यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl

    संसार को महानाश से बचाने के लिए लेखक इस चीज को महत्व देता है?

  • Question 36/37
    2 / -0.5

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    ‘जंगम’ का विलोम शब्द है-

    ‘जंगम’ का विलोम शब्द है-

  • Question 37/37
    2 / -0.5

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    ‘गौरव’ का विलोम शब्द है—

    ‘गौरव’ का विलोम शब्द है—

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