गति भेद को समायोजित करने के लिए प्रयुक्त मेमोरी बफर को क्या कहते है?
क्लोरोफिल में क्या होता है?
पुरालेख शास्त्र किसका अध्धयन है?
बी.सी. रॉय पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है।
पुलित्जर पुरस्कार किस क्षेत्र में असाधारण कार्य करने के लिए दिया जाता है?
भारत के कच्छ का रण किसलिए प्रसिद्ध है?
पृथ्वी जिस समय सूर्य से सबसे अधिक दुरी पर होती है उस समय उसकी स्थिति क्या होती है?
खाना बनाने के लिए प्रयुक्त बायोगैस किसका मिश्रण है?
निम्नलिखित में से कौन देवानाम पियादसी के नाम से जाना जाता था?
संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया?
रूबल किस देश की मुद्रा है?
ज्ञानपीठ पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र में दिया जाता है?
भारत में जूट का अधिकतम क्षेत्र किस राज्य में पाया जाता है?
क्षेत्रफल के अनुसार, सर्वाधिक वन आच्छादन किस राज्य का है?
गौतम बुद्ध का जन्म स्थान था-
‘रणजी ट्रॉफी’ किस खेल से सम्बंधित है?
प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है क्योकि-
निम्नलिखित में से किसे कंप्यूटर की मुख्य स्मृति(memory) कहा जाता है?
अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा है-
इडुक्कीबांध किस नदी पर स्थित है-
वह चीनी यात्री जो हर्षवर्धन के दरबार में आया था-
निम्नलिखित में से किस ग्रह को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है
निम्नलिखित में से बिजली का नवीकरणीय संसाधन कौन सा है-
संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया है-
राज्य के निति-निदेशक सिद्धांतों का उल्लेख संविधान के किस भाग में किया गया है?
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में सबसे बड़ा दिन कब होता है?
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार निम्नलिखित में से किस व्यक्ति के नाम पर दिया जाता है?
निम्नलिखित में सतह से सतह पर मार करने वाली पहली मिसाइल है-
विश्व की सबसे लम्बी नदी कौन-सी है?
‘मोहिनीअट्टम नृत्य’ किस राज्य से सम्बंधित है?
राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ कब मनाया जाता है?
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी है?
भारत को पहला नोबेल पुरस्कार निम्न में से किस क्षेत्र के लिए दिया गया था?
‘Origin of species’ पुस्तक किसने लिखी है?
लघु उद्योगों के लिये सर्वोच्च वित्त निकाय कोनसा है?
ओजोन परत अवक्षय का क्या कारण है?
किस वृक्ष से मलेरिया रोग की औषधि प्राप्त की जाती है?
उत्तरप्रदेश को कितने प्राकृतिक भागों में विभाजित किया गया है?
निम्नलिखित आकृति में वर्ग दंत चिकित्सकों को दर्शाता है, त्रिभुज कलेक्टरों को दर्शाता है, वृत्त भारतीयों को दर्शाता है तथा आयत औरतो को दर्शाता है। अक्षरों का कौन सा समूह भारतीयों को दर्शाता है जो या तो कलेक्टर है या महिला है?

यदि 5 # 9 @ 7 = 52 तथा 3 @ 9 # 2 = -89 हो, तो 7 # 6 @ 9 = ?
चिराग का जन्मदिन गुरुवार 1 जून को है। यदि रियांश का जन्म 3 दिसंबर को हुआ था तो उसी वर्ष रियांश का जन्मदिन सप्ताह में किस दिन होगा?
निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से प्रश्न चिन्ह (?) के स्थान पर आने वाली संख्या को चुनिए|

कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूपको पूरा करेगी ?

यदि "÷" दर्शाता हैं "गुणा" , "+" दर्शाता हैं "घटा", "–" दर्शाता हैं "जोड़ " , "x" दर्शाता हैं "भाग" तो निम्न में से कौन सा समीकरण सत्य है?
यदि 12 (20) 16 तथा 21 (35) 28 है, तो 48 (80) A में A का मान क्या है?
दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।
111 : 37 :: 123 : ?
प्रश्न में दो कथन दिये गये है जिसके आगे दो निष्कर्ष I और II निकाले गये है। आपको मानना है कि दोनोकथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यो से भिन्न प्रतीत होते हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए निष्कर्षो में से कौन-सा/कौन-सेनिश्चित रुप से कथन द्वारा सही निकाला जा सकता है/सकते है, यदि कोई हो।
कथन 1: कुछ चतुर बुद्धिमान हैI
कथन 2: कोई भी बुद्धिमान होशियार नही हैI
निष्कर्ष I: कुछ बुद्धिमान चतुर है।
निष्कर्ष II: कुछ होशियार चतुर है।
वह आरेख चुनिए जो नीचे दिएगए वर्गो के बीच के संबंध का सही निरूपण करता है।
व्यावसायिक, चार्टर्ड एकाउंटेंट, महिला
दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।
दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।
FHK : DFI :: OQT : ?
नीचे के प्रश्न आकृतियों में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसादिखाई देगा?

एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।
DEC, HIG, LMK, PQO, TUS, ?
दी गई आकृति में कितने त्रिभुज है?

निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द को चुनिए।
नीचे के प्रश्न आकृतियो में दिखाए अनुसार कागज को मोड़कर छेदने तथा खोलने के बाद वह किस उत्तर आकृति जैसा दिखाई देगा?

यदि एक दर्पण को AB रेखा पर रखा जाए, तो दी गई उत्तर आकृतियो में से कौन सी आकृति प्रश्न आकृति की सही प्रतिबिम्ब होगी?

दी गई उत्तर आकृतियो में से उस उत्तर आकृति को चुनिए जिसमें प्रश्न आकृति निहित है|

चार बक्सो का वजन 20, 90, 40 और 60 किलोग्राम है। निम्नलिखित में से बक्सो के किसी भी संयोजन से कुल वज़न, किलोग्राम में कौन सा नहीं हो सकता है और एक सन्योजन मे एक बक्सा एक ही बार प्रयोग मे लाया जा सकता है?
निम्नलिखित आकृति में, वर्ग आहार विशेषज्ञो को दर्शाता है, त्रिभुज वनस्पतिज्ञों को दर्शाता है, वृत मनोवैज्ञानिकों को दर्शाता है ओर आयत भारतीयो को दर्शाता है| अक्षरों का कौन सा समूह मनोवैज्ञानिक को दर्शाता है जो या तो भारतीय है या वनस्पतिज्ञ है?

प्रश्न में एक कथन दिया गया है जिसके आगे दो तर्क I और II दिए गये है। आपको मानना है कि कथन सत्य है चाहे वह सामान्यत: ज्ञात तथ्यों से भिन्न प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ प्रतीत होता हो। आपको निर्णय करना है की दिए गए तर्को में से कौन-सा/ कौन-से तर्क मज़बूत है, यदि कोई हो।
कथन: क्या चिड़ियाघरो को बंद किया जाना चाहिए?
तर्क I: हां, जानवरो को कैद करना एक अपराध है।
तर्क II: नही, मनोरंजन के लिए अगर जानवरो को कैद में रखा जाता है तो वह ठीक है।
दिए गए प्रश्न में, निम्नलिखित विकल्पों में से वह शब्द चुनिए जो दिए गए शब्द के अक्षरों का प्रयोग करके नहीं बनाया जा सकता है।
ABSOLUTE
नीचे एक घन की तीन अवस्थाएँ दर्शायी गयी है| ‘B’ के विपरीत फलक पर कौन सा अक्षर आयेगा?

निम्नलिखित प्रश्न में दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षर युग्म को चुनिए।
एक शब्द केवल एक संख्या - समूह द्वारा दर्शाया गया है जैसे की विकल्पों में से किसी एक में दिया गया हैI विकल्पों में दिए गए संख्या-समूह अक्षरों के दो वर्गों द्वारा दर्शाये गए है जैसे की नीचे दिए गए दो आव्यूहों में हैI आव्यूह-I के स्तम्भ और पंक्ति की संख्या 0 से 4 तक दी गई है, और आव्यूह-II के 5 से 9 तक, इन आव्यूहों से एक अक्षर को पहले उसकी पंक्ति और बाद में स्तम्भ संख्या द्वारा दर्शाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ’K’ को 42, 34, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है तथा 'Z' को 75, 86, आदि द्वारा दर्शाया जा सकता है। इसी तरह से आपको प्रश्न में दिए शब्द 'RUBY' के लिए समूह को पहचानना हैI

दिए गए विकल्पों में से विषम अक्षरों को चुनिए।
दिए गए विकल्पों में से संबंधित संख्या को चुनिए।
60 : 15 :: 100 : ?
इशान का जन्मदिन शुक्रवार 10 मार्च को है। यदि श्र्लोक का जन्म 25 सितंबर को हुआ था तो उसी वर्ष श्र्लोक का जन्मदिन सप्ताह के किस दिन होगा?
दिए गए विकल्पों में से संबंधित अक्षरों को चुनिए।
FDH : LJN :: RPT : ?
एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें से एक पद लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए, जो अनुक्रम को पूरा करे।
KV, LU, MT, ?
दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।
गुणनफल : गुणा :: योग : ?
दिए गए विकल्पों में से विषम संख्या को चुनिए।
एक अनुक्रम दिया गया है, जिसमें एक संख्या लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।
1, 0.25, 1/9, ? , 0.04, 1/36
कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न आकृति के प्रतिरूप को पूरा करेगी ?

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सी उत्तर आकृति प्रश्न में दी गई आकृति को मोड़कर नही बनाई जा सकती है?

दिए गए विकल्पों में से संबंधित शब्द को चुनिए।
जीभ : स्वाद :: नाक : ?
Ravindra walks at 6 km/hr and Riya cycles at 11 km/hr towards each other. What was the distance between them when they started if they meet after 42 minutes?
An angle is four times its complementary angle. What is the measure of the angle?
Akhilesh is two times as good a workman as Bansi and therefore is able to finish a job in 39 days less than Bansi. Working together, they can do it in
The sum of all prime numbers between 58 and 62 is
25% discount is offered on an item. By applying a promo code the customer wins 22% cash back. What is the effective discount?
39 is 5.2% of?
A sum fetched a total simple interest of Rs. 8100 at the rate of 6% per year in 9 years. What is the sum?
The average weight of Sudesh, Jyothi and Ritu is 89 kg. If the average weight of Sudesh and Jyothi be 98 kg and that of Jyothi and Ritu be 83 kg, then the weight of Jyothi is
A container contains a mixture of two liquids A and B in the ratio 3: 2. When 5 litres of mixture are drawn off and the container is filled with B, the ratio of A and B becomes 1 : 1. How many litres of liquid A was contained by the container initially?
The average of 11 results is 50. The average of the 6 results is 49 and that of the last 6 results is 52. What is the 6th result?
Let F =
When F is written as a Traction in lowest terms, the denominator exceeds the numerator by :
A man bought a watch at 25% discount on the original price. He got Rs.40 more than the original price by selling it at 140% of the price at which he bought. The price of buying the watch was:
The LCM and HCF of 2 numbers are 168 and 6 respectively. If one of the numbers is 24, find the other.
If x = (0.09)2,y = 1.1(0.09)2 and z = (1 − 0.09)2 − 1 then which of the following relation is true?
The area of a rectangle is 42sq.cm and its length is 7cm. Find its perimeter.
A triangle has a perimeter of 200. If two of its sides are equal and the third side is 20 more than the equal sides, what is the length of the third side?
From a container, 6 liters milk was drawn out and was replaced by water. Again 6 liters of mixture was drawn out and was replaced by the water. Thus the quantity of milk and water in the container after these two operations is 9:16. The quantity of mixture is:
The mean of the following numbers arranged in ascending order is 2.5, if so find x?
0, 0, 1, 1, 2, 2, x, 3, 3, 4, 5, 7
If ax+y = a6 and x > y by 2 find x.
Rs 5625 are divided among A, B and C such that A may receive one – half as much as B and C together receive and B receive one-fourth of what A and C together receive .The share of A is more than that by B.
If each side of a square is increased by 20% . What is the increase % in its area?
Rohit buys two packets of balls. One contains 40 orange colour balls and other contains 60 yellow colour balls. After reaching his home, he finds that 10% of orange colour balls and 20% of yellow colour balls are defective. Find the percentage of balls that are not defective.
If three coins are tossed simultaneously, what is the probability of getting at least two heads?
Five years ago a man was seven times as old as his son. Five years hence, the father will be three times as old as his son. Find their present ages.
Manu sold a dozen watches for Rs.1454.64 per watch and made a profit of 16%. Find the cost price of a watch?
If by selling 20 cycles Vinay incurs a loss equal to the selling price of 2 cycles, find his loss percentage.
What will Rs. 40,000 amount to in 2 years at the rate of 20% p.a., if interest is compounded yearly?
How long will a sum of money take to double, if it is invested at 9.09% p.a. simple interest?
A train having a length of 500 m passes through a tunnel of 1000 m in 1 minute. What is the speed of the train in Km/hr?
X is 5 ft tall and he notices that he casts a shadow that's 3 ft long. He then measures that the shadow cast by his school building is 30 ft long. How tall is the building?
Working alone, A can do a job in 15 days and B can do the same job in 18 days. In how many days will the job be completed if both work together?
P is twice as efficient as Q. Q takes 12 days to complete a job. If both of them work together, how much time will they take to complete the job?
Find the value of tan2θ − sec2θ , if 3 − 4cos2θ = 0

if 10sin4α + 15cos4α = 6,find 27cosec6α + 8sec6α
If Δ PQR and Δ LMN are similar and 1.5 PQ = LM and MN = 4.5cm, then is QR equal to :
AB is a chord of length 16 cm of a circle of radius 10 cm. The tangent at A and B intersect at a point P. Find the length of PA.

Michelle has the following data:14, 6, 12, 17, 21, 10, 4, 3. What is the range?
निम्नलिखित अनेकार्थी शब्द का दूसरा अर्थ बताइएI
घुटना
निम्नलिखित प्रश्न में प्रत्येक शब्द के साथ चार विकल्प दिए गये हैंl इनमें से तीन पर्यायवाची हैं और एक शब्द पर्यायवाची नहीं हैl जो पर्यायवाची नहीं है, उसका चयन कीजिएl
अहि
दिए गये प्रश्न के शब्द-युग्म के सही अर्थ-भेद का चयन कीजिएl
खाद-खाद्य
हिन्दी वर्णमाला में ‘अं’ और ‘अ:’ क्या है?
जिन व्यंजनों के उच्चारण में दोनों ओष्ठों द्वारा श्वास का अवरोध होता है, वे क्या कहलाते हैं?
निम्न में से कौन-सा शब्दकोश में सबसे बाद में आएगा?
‘सम्बल’ में कौन-सी ध्वनि है?
‘जो पढ़ेगा वही उत्तीर्ण होगा’ – वाक्य है
हाथी जंगल में रहते हैं-यह वाक्य है
प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl
बिना प्रयास/परिश्रम के
प्रश्न में दिए गये वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने वाला सही शब्द दिए गये विकल्पों में से चुनिएl
दिशायें ही जिनके वस्त्र है
‘विज्ञ’ का विलोम शब्द है
‘आस्था’ का विलोम शब्द है
निम्नलिखित में से कौन-सा उपसर्ग रहित शब्द है?
‘अनुज’ शब्द को स्त्रीवाचक बनाने के लिए किस प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है?
‘पद+छेद’ विग्रह पद का संधि होगा
‘माता-पिता’ सामसिक पद का विग्रह होगा
‘निर्धन’ में कौन-सी संधि है?
निम्न में मुस्लिम शासन के प्रभाव से आया शब्द है
निम्नलिखित शब्दों में से तद्भव शब्द का चयन कीजिएl
‘यौगिक’ शब्द कौन-सा है?
‘चोंच’ का तत्सम शब्द कौन-सा है?
‘हे भगवान! ये क्या हो गयाl’ वाक्य में कौन-सा कारक है?
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गुणवाचक है?
निम्नलिखित में कौन-सा शब्द विशेषण है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
विकसित और विकासोन्मुख देशों में क्या अंतर है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
कबीर के अनुसार ‘जागना’ का क्या आशय है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
विज्ञान ने मनुष्य का हित किस प्रकार किया हैं?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
आपके अनुसार प्रस्तुत अवतरण का उपर्युक्त शीर्षक क्या हो सकता है?
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इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
प्रस्तुत अवतरण में ‘आविष्कार के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
मनुष्य और अन्य जीवों के किस अंतर की ओर संकेत किया गया है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
पृथ्वी के जीवशुन्य होने का खतरा क्यों मंडराने लगा है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
संसार में वायु-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ क्यों बढने लगी है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
‘व्याकुलता’ का समानार्थी शब्द क्या है?
निर्देश: नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा प्रश्न के उत्तर गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर दीजिएl
इस व्यावसायिक युग में उत्पादन की होड़ लगी हुई हैl कुछ देश विकसित कहे जाते हैं, कुछ विकासोन्मुखl विकसित देश वे हैं जहाँ आधुनिक तकनीक का पूर्ण उपयोग हो रहा हैl ऐसे देश नाना प्रकार की साम्रगी का उत्पादन करते हैं और उस साम्रगी की खपत के लिए बाजार ढूँढते रहते हैंl अत्याधिक उत्पादन-क्षमता के कारण ही ये देश विकसित और अमीर हैl विकासोन्मुख या गरीब देश उनके समान ही उत्पादन करने की जानकारी प्राप्त करते हैंl उत्पादन-क्षमता बढ़ाने का स्वप्न देखते हैंl इसका परिणाम यह हुआ है कि सारे देश में उन वायुमंडल-प्रदूषण यंत्रों की भीड़ बढ़ने लगी है जो विकास के लिए परम आवश्यक माने जाते हैंl इन विकास-वाहक उपकरणों ने अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर दी हैंl वायुमंडल विषाक्त गैसों से ऐसा भरता बनता जा रहा है कि संसार का सारा पर्यावरण दूषित हो उठा है, जिससे वनस्पतियों तक के अस्तित्व संकटापन्न हो गए हैंl अपने बढ़ते उत्पादन को खपाने के लिए हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव-क्षेत्र बढ़ा रहा है और आपसी प्रतिद्वंद्वीता इतनी बढ़ गई है कि सभी ने मार्नास्त्रों का विशाल भंडार बना रखा हैl विज्ञान और तकनीकी विकास में अणु बमों की अनेक संहारकारी किस्में ईजाद हुई हैंl वे यदि किसी सिर-फिरे राष्ट्रनायक की लापरवाही के कारण सचमुच युद्ध क्षेत्र में प्रयुक्त होने लगें तो पृथ्वी जीवशून्य हो जाएगीl शायद मनुष्य पहला प्राणी है जिसमें थोड़ा-बहुत भविष्य देखने की शक्ति हैl अन्य जीवों में यह शक्ति थी ही नहींl यह विशेष रूप से ध्यान देने की बात है कि सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने भविष्य के बारे में चितिंत हैl
यह सभी जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को बहुत-कुछ दिया हैl उसी की कृपा से संसार के मनुष्य एक-दूसरे के निकट आए हैं, अनेक पुराने संस्कार जो गलतफहमी पैदा करते थे, झड़ते जा रहे हैंl मनुष्य को नीरोग, दीर्घजीवी और सुसंस्कृत बनाने के अनगिनत साधन बढ़े हैं, फिर भी मनुष्य चिंतित हैl जो अंधाधुंध प्रकृति के मूल्यवान भंडारों की लूट मचाकर आराम और संपन्नता प्राप्त कर रहे हैं, वे बहुत परेशान नहीं हैंl वे यथास्थिति भी बनाए रखना चाहते हैं और यदि संभव हो तो अपनी व्यक्तिगत, परिवारगत और जातिगत संपन्नता अधिक-से-अधिक बढ़ा लेने के लिए परिश्रम भी कर रहे हैंl ऐसे सुखी लोग ‘मनुष्य का भविष्य’ जैसी बातों के कारण परेशान नहीं हैं पर जो लोग अधिक संवेदनशील हैं और मनुष्य-जाति को महानाश की ओर बढ़ते देखकर विचलित हो उठते हैं, वे ही परेशान हैंl उनकी संख्या कम हैl उनमें विवेक की मात्रा अधिक है और साधारण सुखी लोगों की तुलना में उनके भीतर दर्द है, व्याकुलता है और चिंता हैl कबीर ने इन दो श्रेणियों के लोगों को समझा थाl वे कह गए हैं-
सुखिया सब संसार है खाए और सोएl
दुखिया दास कबीर है जागे और रोएl
यह ‘जागना’ सारी चिंता का मूल हैl जागना अर्थात् विवेक के साथ सोचनाl
संसार को महानाश से बचाने के लिए लेखक इस चीज को महत्व देता है?
‘जंगम’ का विलोम शब्द है-
‘गौरव’ का विलोम शब्द है—
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