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Bihar Sec Teacher Hindi Test 397
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Bihar Sec Teacher Hindi Test 397
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  • Question 1/10
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    प्रकाशन वर्ष के अनुसार सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की रचनाओं का सही क्रम है-

    I. अनामिका

    II. परिमल

    III. गीतिका

    IV. तुलसीदास

    सही विकल्प का चुनाव करें-

    Solutions

    • जन्म- 21 फ़रवरी, सन् 1899 में बंगाल की महिषादल रियासत (जिला मेदिनीपुर)

    • निधन- 15 अक्टूबर 1961 (करीब 62 वर्ष ) कोदारागंज मुहल्ले में स्थित रायसाहब की कोठी, इलाहाबाद

    • पिता - पंडित रामसहाय तिवारी, महिषादल में सिपाही

    काव्यसंग्रह

    • अनामिका (1923)

    • परिमल (1930)

    • गीतिका (1936)

    • तुलसीदास (1939)

    • कुकुरमुत्ता (1942)

  • Question 2/10
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    'कबीर' का संबंध किस काव्यधारा से है?
    Solutions

    * कबीरदास भक्तिकालीन निर्गुण काव्य परम्परा की ज्ञानाश्रयी धारा के प्रमुख कवि है।

    * इन संतों में प्रमुख कबीरदास थे। अन्य मुख्य संत-कवियों के नाम हैं - नानक, रैदास, दादूदयाल, सुंदरदास तथा मलूकदास।

    * ज्ञानाश्रयी धारा के भक्त-कवि 'निर्गुणवादी' थे।

    * इस धारा के कवि जाति-पाति के भेदों को नहीं मानते थे।

    * मिथ्या आडंबरों और रूढियों का विरोध करते थे।

  • Question 3/10
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    रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध रचना का नाम है :
    Solutions

    * रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध रचना उर्वशी है।

    * रामधारी सिंह 'दिनकर' हिन्दी के एक प्रमुख लेखक, कवि व निबन्धकार थे।

    * प्रमुख कृतियाँ - कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी, हुंकार, संस्कृति के चार अध्याय, परशुराम की प्रतीक्षा, हाहाकार

  • Question 4/10
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    'छायावाद' शब्द का प्रथम प्रयोक्ता किसे माना जाता है?
    Solutions

    * सन् 1918 ई. से 1935 ई. तक के मध्य का समय छायावाद के नाम से जाना जाता है।

    * छायावाद शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ‘मुकुटधर पाण्डेय’ ने 1920 ई. में ‘जबलपुर’ से प्रकाशित ‘श्री शारदा’ नामक मासिक पत्रिका में उन कविताओं के लिए ‘व्यंग्य रूप’ में किया। जिनका अर्थ सहजता से समझ में नहीं आता था।

    * मुकुटधर पाण्डेय के ‘छायावाद’ लेख को डॉ. नागवर सिंह ने छायावाद पर लिखा ‘प्रथम निबंध’ माना।

  • Question 5/10
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    'उसने कहा था' कहानी का नायक निम्न में से कौन है?
    Solutions

    उसने कहा था' कहानी का नायक 'लहना सिंह' है।

    लेखक - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

    जन्म - 7 जुलाई 1883

    मृत्यु - 12 सितम्बर 1922

    रचनाएँ

    कहानी - सुखमय जीवन, बुद्ध का काँटा, उसने कहा था

    निबंध - कछुआ धरम, मारेसि मोहि कुठाँव, पुरानी हिंदी, भारतवर्ष, डिंगल

    पात्र -

    * लहना सिंह - 77 सिख राइफल्स का जमादार

    * सूबेदार हज़रा सिंह - सूबेदार

    * वज़ीरा सिंह - सिपाही

    * महा सिंह -सिपाही

  • Question 6/10
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    प्रसिद्ध गीत विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा रहे हमारा' की रचना किस कवि ने की है?
    Solutions

    "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झण्डा ऊँचा रहे हमारा" नामक उक्त सुविख्यात झण्डा गीत को 1938 के कांग्रेस अधिवेशन में स्वीकार किया गया था। इस गीत की रचना करने वाले श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' कानपुर में नरवल के रहने वाले थे।

  • Question 7/10
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    केशवदास को ‘कठिण काव्य का प्रेत’ किस आलोचक ने कहा?
    Solutions

    केशव अलंकार सम्प्रदायवादी आचार्य कवि थे। इन्होंने अलंकारों के दो भेद माने हैं, साधारण और विशिष्ट। अलंकारों के प्रति विशेष रुचि होने के कारणा काव्यपक्ष दब गया है और सामान्यत: ये सुन्दर ह्रदय कवि नहीं माने जाते। अपनी कठोरता के कारण ये कठिन काव्य के प्रेत कहा गया हैं।

  • Question 8/10
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    इनमें से कौन ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता नहीं है?
    Solutions

    दिए गये विकल्पों में राजेन्द्र यादव ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता नहीं है अन्य सभी विकल्प ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता हैं।

    ज्ञानपीठ पुरस्कार - भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।

  • Question 9/10
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    नाटक को पंचम वेद किसने कहा?
    Solutions

    आचार्य भरत ने नाट्यशास्त्र में पंचम वेद बताया है। भरत के अनुसार ऐसा कोई ज्ञान शिल्प, विद्या, योग एवं कर्म नहीं है,जो नाटक में दिखाई पड़े

  • Question 10/10
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    इनमें से एक कृष्णा सोबती की कृति नहीं है |
    Solutions

    कृष्णा सोबती हिन्दी की लेखिका थी। जिन्हें अपनी बेलाग कथात्मक अभिव्यक्ति और सौष्ठवपूर्ण रचनात्मकता के लिए जानी जाती हैं।

    कृष्णा सोबती की कृति - मित्रो मरजानी, यारों का यार, जिंदगीनामा इदं मम के लेखक - शुभांगी भडभडे

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