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शिक्षण शास्त्र पर हिंदी Test 398
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शिक्षण शास्त्र पर हिंदी Test 398
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  • Question 1/10
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    निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए

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    ____________ ही अन्य भाषायी कौशलों को विकसित करने का प्रमुख आधार बनता है।
    Solutions
    यदि छात्र की श्रवण-इन्द्रियों में दोष है, तो वह न भाषा सीख सकता है और न अपने मनोभावों का अभिव्यक्त कर सकता है। बालक सुनकर ही अनुकरण द्वारा भाषा ज्ञान अर्जित करता है। इससे वाचन कौशल, लेखन कौशल, पठन-पठान कौशल के विकास में भी सहायता मिलती है। यह व्यक्तित्व के विकास में भी सहायक है।
  • Question 2/10
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    निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    माण्टेसरी शिक्षण विधि में शरीर के किस अंग के प्रयोग पर बल दिया जाता है?
    Solutions
    माण्टेसरी विधि में आँख, कान और हाथ तीनों का समायोजन होता है। इसमें तीनों के प्रयोग पर विशेष बल दिया जाता है। पहले बच्चा लकड़ी या गत्ते पर बने अक्षरों पर अँगुली फेरता है, उसके बाद पेंसिल को उन्हीं अक्षरों पर घुमाता है और अक्षरों को स्पर्श भी करता है। इस प्रकार बालक अक्षरों के स्वरुप से परिचित होकर उन्हें लिखना सीख जाता है।
  • Question 3/10
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    निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए

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    ‘‘अनुकरण का सिद्धान्त’’ को सर्वप्रथम किसने दिया?
    Solutions
    ‘‘अनुकरण का सिद्धान्त’’ सर्वप्रथम प्लेटो ने प्रतिपादित किया। इस सिद्धान्त के अनुसार, बालक भाषा को अनुकरण के माध्यम से ही सीखता है। शैशवावस्था से ही बालक में अनुकरण की प्रवृत्ति विकसित होने लगती है और किशोरावस्था तक परिलक्षित होती है। वर्णों का उच्चारण, शब्दों का प्रयोग एवं वाक्य निर्माण आदि अनुकरण की ही परिणति है।
  • Question 4/10
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    प्रारम्भ में बालक भाषा किस प्रकार सीखता है?
    Solutions
    भाषा सीखने में बालक प्रारम्भ में शब्दोच्चारण में तरह-तरह की त्रुटियाँ करता है। लेकिन धीरे-धीरे लोगों के द्वारा चिढ़ाने या दूसरों के द्वारा किए गए शुद्व उच्चारण को सुनकर अपने उच्चारण में संशोधन करता जाता है। इस प्रवृत्ति का आगे भी बालकों को लाभ मिलता है अतः बच्चों को भाषा सम्बन्धी उच्चारण में स्वतः संशोधन का अवसर मिलना चाहिए।
  • Question 5/10
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    निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए
    ‘‘वाणी भाषा का एक स्वरुप है जिसमें अर्थ को दूसरों को व्यक्त करने के लिए कुछ धवनियाँ या शब्द उच्चारित किए जाते हैं।’’ यह कथन किसका है?
    Solutions
    वाक् शक्ति (वाणी) और भाषा, दोनों शब्दों का प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जाता है परन्तु दोनों शब्दों में भिन्नता है। वाक् शक्ति (वाणी) को स्पष्ट करते हुए हरलॉक महोदय ने लिखा है कि ‘‘वाणी भाषा का एक स्वरुप है जिसमें अर्थ को दूसरों को व्यक्त करने के लिए कुछ धवनियाँ या शब्द उच्चारित किए जाते हैं।’’ वाणी भाषा का ही एक विशिष्ट रुप है।
  • Question 6/10
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    निर्देश: नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सबसे सही विकल्प चुनिए

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    कक्षा में किसी वस्तु का वास्तविक स्वरुप चित्र् द्वारा स्पष्ट किया जाना सम्भव होने की स्थिति में प्रयोग करना उचित होगा-
    Solutions
    प्रतिरुप अथवा प्रतिमान वास्तविक पदार्थों अथवा मूल वस्तुओं के छोटे रुप होते हैं। इनका प्रयोग उस समय किया जाता है जब वास्तविक पदार्थ या तो उपलब्ध  हो अथवा इतने बड़े हों कि उन्हें कक्षा में दिखाना ही सम्भव हो। उदाहरण- हाथी, घोड़ा, रेल का इंजन इत्यादि।
  • Question 7/10
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    निर्देश: नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सबसे सही विकल्प चुनिए

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    ओवर हेड प्रोजेक्टरकौन-सी अधिगम सामग्री का उदाहरण है?
    Solutions
    धुनिक शिक्षा प्रणाली मेंओवर हेड प्रोजेक्टरका विशेष महत्व है, ऐसे चित्र जिन्हें आँखों की मदद से नहीं देखा जा सकता उन्हें इसके माधयम से दिखाया जाता है जिसमें एक अंधेरे कमरे में बड़े से पर्दे पर स्लाइड के माधयम से दिखाया जाता है। अतः यह एक दृश्य उपकरण है।
  • Question 8/10
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    एक बहुसांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाली कक्षा में भाषा सीखने के बारे में कौन सा विचार उचित है?
    Solutions
    एक बहुसांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाली कक्षा में भाषा सीखने में भाषा परिवेश का निर्माण किया जाए ताकि भाषा-अर्जन की सहज स्थिति बन सके।जिससे बच्चे भाषा को अपने परिवेश और अपने अनुभवों को समझने का माध्यम मानकर उसका सार्थक उपयोग कर सके।
  • Question 9/10
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    सुलेखा ने पाठ को पढ़ते हुएजीवनकोजिन्दगीपढ़ा यह इस ओर संकेत करता है कि-
    Solutions
    सुलेखा ने पाठ को पढ़ते हुएजीवनको जिन्दगी पढ़ा वह अक्षर पहचान के बजाय अर्थ को समझते हुए पढ़ रही है।
  • Question 10/10
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    निर्देश:नीचे दिए गए प्रश्न का सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

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    पाठ्य-पुस्तक को आधार बनाकर पूछे जाने वाले प्रश्न :
    Solutions

    पाठ्य-वस्तु को आधार बनाकर पूछे जाने वाले प्रश्न ऐसे होने चाहिए, जो पाठ की विषयवस्तु का विस्तार कर सकें तथा विद्यार्थियों के  चिंतन प्रक्रिया के विकास में सहायक हो सके।
    पाठ्य-पुस्तक -

    • पाठ्य-पुस्तक मानव की एक महत्वपूर्ण रचना है।
    • पाठ्य-पुस्तक ज्ञान संचय का साधन है जिसका लाभ नई पीढ़ी को होता है।
    • पुस्तकों के माध्यम से संचित ज्ञान को शिक्षक अपने छात्रों को प्रदान करता है।
    • मानव में ज्ञान संचय का साधन पुस्तक है।

    पाठ्य पुस्तक की विशेषताएं - 
    1.व्याख्या स्पष्टीकरण, उदाहरणों की मदद से विषय का सरलीकरण किया जाता हैl
    2.भाषा-शैली में सरलता, स्पष्टता, मौलिकता तथा प्रवाहशीलता होना चाहियेl
    3.पाठ्य पुस्तक में विद्यार्थियों में स्वयं पढ़ने की रूचि विकसित करने की क्षमता होती है
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