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दिए गए विकल्पों के आधार पर "इ" अग्र स्वर स्वर है शेष विकाल्प असंगत है।अन्य तथ्य - जिह्वा के आधार पर स्वर - कुछ स्वरों के उच्चारण में जीभ का अग्रभाग काम करता है, कुछ में मध्यभाग तथा कुछ में पश्चभाग।A.अग्र स्वर -इ, ई, ए, ऐB.मध्य स्वर - अC.पश्च स्वर - आ, उ, ऊ, ओ, औ
घोष व्यंजन
जिन वर्णों के उच्चारण में केवल नाद का उपयोग होता है, उन्हे घोष वर्ण कहते हैं। इनकी संख्या 31 होती है। जो इस प्रकार है :
इसमें सभी स्वर अ से ओ तक और
ग, घ, ङ
ज, झ, ञ
ड, ढ, ण
द, ध, न
ब, भ, म
य, र, ल, व, ह
पूर्ण विराम चिन्ह - किसी वाक्य के अंत में पूर्ण विराम चिन्ह लगाने का अर्थ होता है कि वः वाक्य ख़त्म हो गया है पूर्ण विराम का प्रयोग प्रश्नसूचक और विस्मयादि सूचक वाक्यों को छोड़कर सभी प्रकार के वाक्यों के अंत में किया जाता है।विराम शब्द का अर्थ – ठहराव होता है। (वाक्य लिखते समय विराम को प्रकट करने के लिए लगाये जाने वाले चिन्ह को ही विराम चिन्ह कहते हैं।)हिन्दी में निम्नलिखित विराम-चिह्नों का प्रयोग होता है-
अकारांत - जिसके अंत में 'अ' स्वर आए जैसे- कल, जलइकारांत - जिसके अंत में 'इ' स्वर आएआकारांत - जिसके अंत में 'आ' स्वर आएउकारांत - जिसके अंत में 'उ' स्वर आए
ओ, औ’ वर्णों का उच्चारण स्थान कंठोष्ट है अन्य विकल्प असंगत है।स्वर उच्चारण स्थानअ, आ - कण्ठइ, ई - तालुउ,ऊ - ओष्ठए, ऐ - कण्ठ तालुओ, औ - कंठोष्टअन्य तथ्य - वर्ण - भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है इस ध्वनि को “वर्ण” कहते है।वर्णमाला - वर्णों के व्यवस्थित को वर्णमाला कहते है।स्वर - स्वतंत्र रूप से बोले जाने वाले वर्ण “स्वर” कहलाते है। स्वर – अ , आ , इ , ई , उ, ऊ , ऋ , ए , ऐ , ओ , औ , अं , अः
मुँह के खुलने के आधार पर :-
विवृत – उच्चारण में पूरा मुँह खुलता है - आ
अर्ध विवृत – उच्चारण में आधा मुँह खुलता है - अ, ऐ, औ
संवृत – उच्चारण में मुँह आधे से भी कम खुलता है - इ, ई, उ, ऊ
अर्ध संवृत - उच्चारण में मुँह बहुत ही कम खुलता है - ए, ओ
अन्य तथ्य -
उच्चारण स्थल –
उच्चारण स्थान
व्यंजक वर्ण
कण्ठ
क,ख,ग,घ,ड.,
तालु
च,छ,ज,झ, ञ, य,श
मूर्धा
ट,ठ,ड,ढ,ण,र,ष
दंत
त,थ,द,ध,न,ल,स
ओष्ठ
प,फ,ब,भ,म
नासिका
ड., ञ ,ण,न,म
दंत ओष्ठ
व
वर्ग –
वर्ग
वर्ण
क वर्ग
क्, ख्, ग्, घ्, ङ्
च वर्ग
च्, छ्, ज्, झ्, ञ्
ट वर्ग
ट्, ठ्, ड्, ढ्, ण्
त वर्ग
त्, थ्, द्, ध्, न्
प वर्ग
प्, फ्, ब्, भ्, म्
विवरण चिन्ह का प्रयोग वाक्य में जानकारी, सूचना, या निर्देश आदि को दर्शाने या विवरण देने के लिए किया जाता है ।उदाहरण – “निम्नलिखित नियमों का पालन करें :-“विराम चिन्ह - विराम का अर्थ है - 'रुकना' या 'ठहरना' । वाक्य को लिखते अथवा बोलते समय बीच में कहीं थोड़ा-बहुत रुकना पड़ता है जिससे भाषा स्पष्ट, अर्थवान एवं भावपूर्ण हो जाती है।
विराम-चिहन का नाम और चिह्न -प्रश्नवाचक चिह्न - ?विस्मयवाचक चिह्न - !योजक या विभाजक - -निर्देशक - –उद्धरण चिह्न - ‘ ’,“ ”विवरण चिह्न - :-
Correct (-)
Wrong (-)
Skipped (-)