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SSC GD 2025 Hindi Test - 5
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SSC GD 2025 Hindi Test - 5
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  • Question 1/10
    2 / -0.5

    'मैंने विद्यालय जाना है'। वाक्य में अशुद्ध अंश है:

    Solutions

    ​सही उत्तर है मैंने।

    Key Points

    मैंने विद्यालय जाना है का शुद्ध रूप होगा मुझे विद्यालय जाना है।  

    • 'मैंने विद्यालय जाना है'। वाक्य में अशुद्ध अंश 'मैंने' है।  
    • वाक्य में सर्वनाम सम्बन्धी अशुद्धि है।
    • मैंने के स्थान पर 'मुझे' आएगा।
    • पूर्ण शुद्ध वाक्य होगा- मुझे विद्यालय जाना है।
    • सर्वनाम के सही रूप में प्रयोग न होने से भी वाक्य अशुद्ध हो जाता है।

    Additional Information

    • संज्ञा में जो लिंग, वचन व पुरुष होता है उसके सर्वनाम में भी वही लिंग वचन व पुरुष प्रयुक्त होना चाहिए।

    जैसे –

    अशुद्ध – वह तो गया किन्तु वह उसकी पुस्तक नहीं ले गया।

    शुद्ध – वह तो गया किन्तु अपनी पुस्तकें नहीं ले गया

  • Question 2/10
    2 / -0.5

    पुत्र की प्रतीक्षा में मां वर्षों तक आंसू बहाती रही। रेखांकित शब्द का तत्सम रूप है -

    Solutions

    सही उत्तर है - "अश्रु" l

    Key Points

    • संपूर्ण वाक्य:-
      • पुत्र की प्रतीक्षा में मां वर्षों तक अश्रु बहाती रही l
    • आंसू शब्द का तत्सम रूप:- अश्रु l
    • अश्रु शब्द का तद्भव रूप है:- आंसू l

    अन्य विकल्पों का विश्लेषण:-

    • अश्रू - अश्रु शब्द की गलत वर्तनी है l
    • अखि, अखी - यह दोनों निरर्थक शब्द है l हिंदी भाषा में इनका कोई अर्थ नहीं है l
    • आंख के लिए तत्सम शब्द है - अक्षि l

    Additional Information

    • तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों, तत् + सम् से मिलकर बना है।
      • तत् का अर्थ है - उसके, तथा सम् का अर्थ है - समान। अर्थात - ज्यों का त्यों।
    • जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। इनमें ध्वनि परिवर्तन नहीं होता है। हिन्दी, बांग्ला, कोंकणी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, तेलुगू, कन्नड, मलयालम, सिंहल आदि में बहुत से शब्द संस्कृत से सीधे ले लिए गये हैं, क्योंकि इनमें से कई भाषाएँ संस्कृत से जन्मी हैं।
    • तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं उन्हें तद्भव कहते हैं।
      • तद्भव का शाब्दिक अर्थ है - उससे बने (तत् + भव = उससे उत्पन्न), अर्थात जो उससे (संस्कृत से) उत्पन्न हुए हैं। यहाँ पर तत् शब्द भी संस्कृत भाषा की ओर इंगित करता है। अर्थात जो संस्कृत से ही बने हैं।
    • इन शब्दों की यात्रा संस्कृत से आरंभ होकर पालि, प्राकृत, अपभ्रंश भाषाओं के पड़ाव से होकर गुजरी है और आज तक चल रही है।
    • कुछ प्राचीन तत्सम शब्द और उनके नवीन तद्भव रूप :-
      • गौ = गाय
      • चन्द्र = चाँद
      • त्वरित = तुरंत
      •  दंत = दांत
      •  बिंदु = बूंद
  • Question 3/10
    2 / -0.5

    "सिर पर गाज गिरना" मुहावरे का अर्थ है:

    Solutions

    दिए गए विकल्पों में सही उत्तर संकट आ जाना है

    Key Points

    • "सिर पर गाज गिरना" मुहावरे का अर्थ है: - संकट आ जाना।
    • वाक्य प्रयोग:-  नए अफ़्सर के आते ही भष्ट्राचारियों के सिर पर गाज गिर गई।

    Additional Information

    • मुहावरा: 
      • मुहावरा का शाब्दिक अर्थ ‘अभ्यास’ है।
      • मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है।
      • हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर  विशेष अर्थ को व्यक्त करते हैं।
    • जैसे:-  अंक भरना- स्नेह से लिपटा लेना
    • वाक्य-माँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।
  • Question 4/10
    2 / -0.5

    माता-पिता लोहें के चने चबाकर बच्चों को पढ़ाते है | रेखांकित मुहावरा का अर्थ स्पष्ट कीजिए |

    Solutions

    माता-पिता लोहें के चने चबाकर बच्चों को पढ़ाते है | में लोहे के चने चबाना मुहाबरे का अर्थ है "बहुत कठिनाई झेलना" अत: सही विकल्प 1 बहुत कठिनाई झेलना है |

    Key Points

  • Question 5/10
    2 / -0.5

    निम्नलिखित में से 'अजर' का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है?

    Solutions

    'अजर' का पर्यायवाची है - सुर

    • सुर का अर्थ - देवता
    • 'अजर' का पर्यायवाची शब्द - जराहीन, अनश्वर, आत्मा, परब्रह्म

    Key Points

    अन्य विकल्प के पर्यायवाची -

    • दैत्य / दानव - रजनीचर, दनुज, यातुधान
    • किन्नर - अश्वमुख, किंपुरुष, कुबेरसखा

    Important Points

    पर्यायवाची का उदाहरण -

    शब्द पर्यायवाची
    घास तृण, दूर्वा, दूब, कुश
    चाँदनी कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रप्रभा, जुन्हाई
    शर्वरी तमस्विनी, विभावरी, रैन, यामिनी
    लक्ष्मी पद्मालया, पद्मा, कमला, त्री, हरिप्रिया
     किरण रश्मि, उस, घृणि, मरीचि
    लज्जा मन्दाक्ष, त्रपा, व्रीडा, ही
    समुद्र  सिंधु, पारावार, रत्नाकर, सागर
    अतिक्रमण उल्लंघन,  अवज्ञा,  संक्रमण, अधिचार
    हंस   कलकंठ, मराल, सिपपक्ष, मानसौक
    यमुना  कालिन्दी, सूर्यतनया, शमनस्वसा
  • Question 6/10
    2 / -0.5

    ‘दुर्गुण सदा त्याज्य है।’- इसमें रेखांकित शब्द का पर्यायवाची शब्द है-

    Solutions

    दिए गए विकल्पों में सही उत्तर विकल्प 3 ‘नित्य’ है। अन्य विकल्प इसके अनुचित उत्तर होंगे।

    Key Points

    • दिए गए विकल्पों में ‘सदा’ का पर्यायवाची शब्द ‘नित्य’ है।
    • सदा के अन्य पर्यायवाची शब्द हैं- सर्वदा, निरंतर, सदैव, हमेशा आदि।

    अन्य विकल्प:

    1. निलय - गेह, सदन, आगार, आयतन, आवास, निलय, धाम आदि।
    2. साथ – बराबर, समान, तुल्य, सदृश, समकक्ष, सद आदि।
    3. सामी - समीर, अनिल, वात, मरुत्, पवमान, बयार, प्रकंपन आदि।

    Additional Information

  • Question 7/10
    2 / -0.5

    दिए गए वाक्य में उपयुक्त शब्द का चयन करके रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए l

    वृद्ध भिखारी दो रोटी खाकर ________ हो गयाl

    Solutions

    वाक्य रिक्त स्थान की पूर्ति विकल्प तृप्त करेगाl 

    • अतः वाक्य निम्न प्रकार होगा -
    • वृद्ध भिखारी दो रोटी खाकर तृप्त हो गयाl
    • तृप्त का अर्थ - संतुष्ट होता हैl

    Key Points

    अन्य विकल्पों का विशलेषण - 

    • तप का अर्थ - तपस्या।
    • तृण का अर्थ - धान, गेहूँ, जौ, राई आदि फसलों के डण्ठल को तृण कहते है।
    • तप्त  का अर्थ - तपाया या तपा हुआ होता है।
  • Question 8/10
    2 / -0.5

    'मसृण' का विलोम है

    Solutions

    उपर्युक्त विकल्पों में से ‘रूक्ष’ इसका सही उत्तर है।

    Key Points

    • मसृण का अर्थ – मुलायम
    • रुक्ष का अर्थ – सूखा 

    अन्य विकल्प:

    Additional Information

  • Question 9/10
    2 / -0.5

    मेरे मित्र की भगिनी का कल विवाह है। रेखांकित शब्द का तद्भव रूप है –

    Solutions

    सही उत्तर है - "बहन" l

    Key Points

    • संपूर्ण वाक्य:-
      • मेरे मित्र की बहन का कल विवाह है l
    • भगिनी शब्द का तद्भव रूप है - बहन l
    • इन शब्दों की यात्रा संस्कृत से आरंभ होकर पालि, प्राकृत, अपभ्रंश भाषाओं के पड़ाव से होकर गुजरी है और आज तक चल रही है।
    • अन्य विकल्पों का विश्लेषण -

    Additional Information

    • तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों, तत् + सम् से मिलकर बना है। तत् का अर्थ है - उसके, तथा सम् का अर्थ है - समान। अर्थात - ज्यों का त्यों।
    • जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। इनमें ध्वनि परिवर्तन नहीं होता है। 
    • तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं उन्हें तद्भव कहते हैं। तद्भव का शाब्दिक अर्थ है - उससे बने (तत् + भव = उससे उत्पन्न), अर्थात जो उससे (संस्कृत से) उत्पन्न हुए हैं। यहाँ पर तत् शब्द भी संस्कृत भाषा की ओर इंगित करता है। अर्थात जो संस्कृत से ही बने हैं।
    • तत्सम शब्द और उनके तद्भव रूप :- 
      • इक्षु = ईंख
      • कर्ण = कान
      • चतुर्थ = चौथा
      • नासिका = नाक

    Important Points

    • तत्सम शब्द प्राचीन शब्द है जिनका संस्कृत भाषा से नाता है l इन्हीं शब्दों के नवीन रूप को तद्भव कहा जाता है l
    • आज की वर्तमान भाषा में हम जो अधिकांश शब्द इस्तेमाल करते हैं, वह तद्भव शब्द है l तत्सम शब्दों का इस्तेमाल किसी पुरानी किताबों में ही देखने को मिलता है l
  • Question 10/10
    2 / -0.5

    परमात्मा समग्र ब्रह्माण्ड का रचीयता है रेखांकित शब्द में वर्तनी की शुद्ध की दृष्टि से सही विकल्प है -

    Solutions

    दिए गए विकल्पों में से 'रचयिता' शब्द की वर्तनी शुद्ध है।

    Key Points

    • ‘रचयिता’ का अर्थ ‘रचना करने वाला’ है।
    • वाक्य प्रयोग - सृष्टि का एकमात्र रचयिता ईश्वर है।

    Additional Information

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