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रस, छंद और अलंकार Test 56
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रस, छंद और अलंकार Test 56
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  • Question 1/10
    1 / -0

    कौन-सा छंद प्रकार नहीं है?
    Solutions

    दृष्टांत छंद का प्रकार नहीं है। चौपाई, दोहा, सोरठा, उल्लाला, कुडंलिया, छप्पय, अहीर, रोला, आल्हा, हरिगीतिका, बरवै इत्यादि छंद के प्रकार हैं।

  • Question 2/10
    1 / -0

    छंद मुख्य रूप से कितने प्रकार के होते हैं?
    Solutions

    जिन छन्दों की रचना मात्राओं की गणना के आधार पर होती हैं, उन्हें मात्रिक छन्द कहते है। जैसे-दोहा, चौपाई, रोला आदि। मात्रिक छन्द तीन प्रकार के होते हैं- 1. सममात्रिक छन्द, 2. अर्धमात्रिक छन्द, 3. विषम मात्रिक छन्द।

  • Question 3/10
    1 / -0

    छंद का सर्वप्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है?
    Solutions

    प्राचीन काल के ग्रंथों में संस्कृत में कई प्रकार के छन्द मिलते हैं जो वैदिक काल के जितने प्राचीन हैं। वेद के सूक्त भी छन्दबद्ध हैं। पिंगल द्वारा रचित छन्दशास्त्र इस विषय का मूल ग्रन्थ है। छन्द पर चर्चा सर्वप्रथम ऋग्वेद में हुई है।

  • Question 4/10
    1 / -0

    सुनत लखन के वचन कठोरा

    परशु सुधारि धरेरू कर (घोरा)

    अब जानि देउ दोष मोहि लोगू

    कटुवादी बालक वध जोर

    उपर्युक्त पंक्ति में कौन सा रस है?

    Solutions

    सुनत लखन के वचन कठोरा&llt;/p>

    परशु सुधारि धरेरू कर (घोरा)

    अब जानि देउ दोष मोहि लोगू

    कटुवादी बालक वध जोर

    आश्रय - परशुराम

    विषय - लक्ष्मण

    उद्दीपन - लक्ष्मण का मुस्काना

    अनुभाव - क्रोध करना, वाचिक

    संचारी - उग्रता

    स्थायीभाव - क्रोध

  • Question 5/10
    1 / -0

    कन देबो सोयो ससुर, बहू, थुरहथी जानि

    अप रहचते लगि लग्यो, मांगन सबु जग आनि।।

    उपर्युक्त पंक्ति में कौन सा रस है?

    Solutions

    कन देबो सोयो ससुर, बहू, थुरहथी जानि

    अप रहचते लगि लग्यो, मांगन सबु जग आनि।।

    आश्रय - पाठक/दर्शक

    विषय - ससुर, बहु

    उद्दीपन - मांगने वालों की कतार लगना

    अनुभाव - हंसना

    स्थायीभाव - हास्य

    संचारीभाव - हर्ष

  • Question 6/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

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    ले चला साथ मैं तुझे कनक।
    ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण।
    Solutions

    जब समानता होने के कारण मनु, जनु, जनहु, जानो, मानहु, मानो, निश्चय, ईव, ज्यों आदि शब्दों के द्वारा उपमेय में उपमान के होने कि कल्पना की जाए या संभावना हो तो वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।

    काव्यांश में ज्यों शब्द का भी प्रयोग हुआ है। अतः यहां उत्प्रेक्षा अलंकार है।

  • Question 7/10
    1 / -0

    अलंकार में किस उपसर्ग का प्रयोग है?
    Solutions

    उपसर्ग दो शब्दों से मिलकर बना होता है उपसर्ग - (उप + सर्ग) उप का अर्थ होता है समीप और सर्ग का अर्थ होता है सृष्टि करना। उपसर्ग शब्द के पहले आते है।
    जैसे-
    अन उपसर्ग बन शब्द के पहले रख देने से एक शब्द अनबन बनता है
    अलंकार’- अलम् + कार में अलम् उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। 
    अलंकार का अर्थ - आभूषण या शोभा 

  • Question 8/10
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    सही मीलन कीजिए -

    भाषा - शब्द

    a.अरबी - 1) बिगुल

    b.फ्रांसीसी - 2) फीता

    c.पुर्तगाली - 3) बर्फ

    d.फारसी - 4) खासी

    Solutions

    भाषा - शब्द

    अरबी - बर्फ

    फ्रांसीसी - बिगुल

    पुर्तगाली - फीता

    फारसी - खासी

  • Question 9/10
    1 / -0

    ‘वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।’ में कौन-सा अलंकार है?
    Solutions

    ‘वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।’ में लाटानुप्रास अलंकार है।

    अनुप्रास अलंकार - अनुप्रास शब्द 'अनु' तथा 'प्रास' शब्दों के योग से बना है। 'अनु' का अर्थ है :- बार-बार तथा 'प्रास' का अर्थ है- वर्ण। जहाँ वर्णों की आवृत्ति बार-बार होती है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

    लाटानुप्रासअलंकार - जब एक शब्द आवृत्ति उसी अर्थ में हो, पर तात्पर्य या अन्वय में भेद हो, तो वहाँ 'लाटानुप्रास' होता है।

    लाटानुप्रासअलंकार , यमक का उलटा होता है।

    वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।

    इसमें 'मनुष्य' शब्द की आवृत्ति दो बार हुई है। दोनों का अर्थ 'आदमी' है। पर तात्पर्य या अन्वय में भेद है। पहला मनुष्य कर्ता है और दूसरा सम्प्रदान।

  • Question 10/10
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    "मुख चन्द्रमा के समान सुंदर है।" में कौन सा अलंकार है?
    Solutions

    अलंकार - अलंकार दो शब्दों से मिलकर बना होता है – अलम + कार। यहाँ पर अलम का अर्थ होता है अलम् अर्थात् भूषण। जो भूषित करे वह अलंकार है। अलंकार, कविता-कामिनी के सौन्दर्य को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं।

    मुख चन्द्रमा के समान सुंदर है वाक्य में उपमा अलंकार है

    उपमा अलंकार - किसी प्रस्तुत वस्तु की उसके किसी विशेष गुण, क्रिया, स्वभाव आदि की समानता के आधार पर अन्य अप्रस्तुत से समानता स्थापित की जाए तो उपमा अलंकार होगा।

    i. उपमेय- जिसकी तुलना की जाय जाए। जैसे- मुख चन्द्रमा के समान सुंदर है। इस उदाहरण में मुख उपमेय है।

    ii. उपमान- जिससे तुलना की जाय जाए। उपर्युक्त उदाहरण में चन्द्रमा उपमान है।

    iii. साधारण धर्म- उपमेय और उपमान में विद्यमान समान गुण या प्रकृति को साधारण धर्म कहते है। ऊपर दिए गए उदाहरण में 'सुंदर ' साधारण धर्म है

    iv. वाचक -समानता बताने वाले शब्द को वाचक शब्द कहते हैं। ऊपर दिए गए उदाहरण में वाचक शब्द 'समान' है।

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