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Hindi Test 65
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Hindi Test 65
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  • Question 1/10
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    Directions For Questions

    निर्देश: कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    कबीरदास

    हम तौ एक एक करि जांनां।

    दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां ।।

    एकै पवन एक ही पानीं एकै जोति समांनां।

    एकै खाक गढ़े सब भांडै़ एकै कोंहरा सांनां।।

    जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।

    सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई।।

    माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

    निरभै भया कछू नहिं ब्यापै कहै कबीर दिवांनां।।

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    कबीर परमात्मा के किस स्वरूप में आस्था रखते हैं ?
    Solutions
    कबीर परमात्मा के अद्वैत स्वरूप में आस्था रखते थे और वह स्वरूप निर्गुण निराकार
    ईश्वर का है।
  • Question 2/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    कबीरदास

    हम तौ एक एक करि जांनां।

    दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां ।।

    एकै पवन एक ही पानीं एकै जोति समांनां।

    एकै खाक गढ़े सब भांडै़ एकै कोंहरा सांनां।।

    जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।

    सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई।।

    माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

    निरभै भया कछू नहिं ब्यापै कहै कबीर दिवांनां।।

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    कबीर ने किन लोगों को नरक का अधिकारी माना है?
    Solutions
    कबीर ने उन लोगों को नरक का अधिकारी माना है जो लोग परमात्मा को एक नहीं, दो मानते हैं।
  • Question 3/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    कबीरदास

    हम तौ एक एक करि जांनां।

    दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां ।।

    एकै पवन एक ही पानीं एकै जोति समांनां।

    एकै खाक गढ़े सब भांडै़ एकै कोंहरा सांनां।।

    जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।

    सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई।।

    माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

    निरभै भया कछू नहिं ब्यापै कहै कबीर दिवांनां।।

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    कबीर के अनुसार प्रभु को जानने के लिए क्या आवश्यक है?
    Solutions
    कबीर के अनुसार प्रभु को जानने के लिए मिथ्या दंभ, माया-मोह अर्थात सुखों को

    त्यागना आवश्यक है।
  • Question 4/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    कबीरदास

    हम तौ एक एक करि जांनां।

    दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां ।।

    एकै पवन एक ही पानीं एकै जोति समांनां।

    एकै खाक गढ़े सब भांडै़ एकै कोंहरा सांनां।।

    जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।

    सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई।।

    माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

    निरभै भया कछू नहिं ब्यापै कहै कबीर दिवांनां।।

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    ‘बाढ़ी’ शब्द में प्रत्यय है।
    Solutions
    प्रत्यय - ऐसे शब्द जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उस शब्द का अर्थ बदल देते है प्रत्यय कहलाते है।
    अन्य शब्द + प्रत्यय शब्द = शब्द परिवर्तन     
    ‘बाढ़ी: ‘बाढ़ + ई, अतः ‘बाढ़ी’ शब्द ‘ई’ में प्रत्यय है।
  • Question 5/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।

    कबीरदास

    हम तौ एक एक करि जांनां।

    दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां ।।

    एकै पवन एक ही पानीं एकै जोति समांनां।

    एकै खाक गढ़े सब भांडै़ एकै कोंहरा सांनां।।

    जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।

    सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई।।

    माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

    निरभै भया कछू नहिं ब्यापै कहै कबीर दिवांनां।।

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    पवन का संधि विच्छेद क्या होगा?
    Solutions
    संधि - दो वर्णों के मेल को संधि कहते है तथा संधि को तोड़ना संधि विच्छेद कहलाता है
    पवन का संधि विच्छेद - पो + अन (अयादि संधि)
    नियम - जब  ओ  के साथ कोई अन्य स्वर हो तो  (ओ का अव) बन जाता है। 
              ओ + अ = अव
    अयादि संधि -
    • जब  ए , ऐ , ओ , औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ए का अय, ओ का अव, औ – आव, हो जाता है।  अयादि संधि कहलाती है।
  • Question 6/10
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    Directions For Questions

    निर्देश: पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए -
     
    चमकीली है सुबह आज की आसमान में

    निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी

    बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे

    घुटन गमकती साँसों की आवाज़ सुनेगी ।

    कुंठाओं की टहनी छिन्न भिन्न होगी फिर

    आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,

    चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी

    कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं

    खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे

    आँखें अपनी आँखों को पहचान सकेंगी ।

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    काव्यांश में "चमकीली सुबह" का क्या आशय है?
    Solutions
    काव्यांश में ‘चमकीली सुबह’ का आशय अंधकार समाप्ति के बाद आशाभरी सुबह से है।
  • Question 7/10
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    Directions For Questions

    निर्देश: पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए -
     
    चमकीली है सुबह आज की आसमान में

    निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी

    बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे

    घुटन गमकती साँसों की आवाज़ सुनेगी ।

    कुंठाओं की टहनी छिन्न भिन्न होगी फिर

    आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,

    चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी

    कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं

    खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे

    आँखें अपनी आँखों को पहचान सकेंगी ।

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    गद्यांश में कवि को क्या विश्वास है?
    Solutions
    काव्यांश के अनुसार कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं। अतः कवि को विश्वास है कि कल की सुबह आज से अच्छी होगी।
  • Question 8/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए -
     
    चमकीली है सुबह आज की आसमान में

    निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी

    बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे

    घुटन गमकती साँसों की आवाज़ सुनेगी ।

    कुंठाओं की टहनी छिन्न भिन्न होगी फिर

    आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,

    चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी

    कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं

    खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे

    आँखें अपनी आँखों को पहचान सकेंगी ।

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    गद्यांश के आधार पर "आशा " शब्द का विलोम है -
    Solutions
    विलोम - एक़-दूसरे के विपरीत अर्थ देने वाले शब्द को विलोम शब्द कहते है।
    आशा शब्द का विलोम निराशा होता है, अन्य विकल्प आशा शब्द के पर्यायवाची शब्द है।
    आशा शब्द का पर्यायवाची - आस, उम्मीद, भरोसा, संभावना, मांग, इच्छा, कामना
  • Question 9/10
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    Directions For Questions

    निर्देश: पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए -
     
    चमकीली है सुबह आज की आसमान में

    निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी

    बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे

    घुटन गमकती साँसों की आवाज़ सुनेगी ।

    कुंठाओं की टहनी छिन्न भिन्न होगी फिर

    आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,

    चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी

    कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं

    खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे

    आँखें अपनी आँखों को पहचान सकेंगी ।

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    ‘दिल के दरवाजे खुल जाएँगे’ का क्या अर्थ है?
    Solutions
    पद्यांश के अनुसार ‘दिल के दरवाजे खुल जाएँगे’ का अर्थ है कि दिलों में सबके प्रति मित्रता रहेगी।
  • Question 10/10
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    Directions For Questions

    निर्देश: पद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए -
     
    चमकीली है सुबह आज की आसमान में

    निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी

    बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे

    घुटन गमकती साँसों की आवाज़ सुनेगी ।

    कुंठाओं की टहनी छिन्न भिन्न होगी फिर

    आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,

    चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी

    कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं

    खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे

    आँखें अपनी आँखों को पहचान सकेंगी ।

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    कुसुम’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है।
    Solutions
    ऐसे शब्द जिनका अर्थ एक समान होता हैं, पर्यायवाचीशब्द शब्द कहलाते हैं।
    कमल ‘कुसुम’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है। पुष्प, सुमन और प्रसून ‘कुसुम’ के पर्यायवाची शब्द है।
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